जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर विवाद सुलझाने के लिए 530 अरब रुपये के समझौते पर सहमति
क्या है खबर?
बच्चों के लिए पर्सनल केयर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने पाउडर विवाद को सुलझाने के लिए समझौते पर सहमति जताई है। कंपनी ने 5.5 अरब डॉलर (लगभग 530 अरब रुपये) के सेटलमेंट को मंजूरी दी है। इस समझौते के तहत उन हजारों मामलों को सुलझाया जाएगा, जिनमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी के बेबी पाउडर और दूसरे टैल्क उत्पादों से महिलाओं में ओवेरियन कैंसर हुआ। यह मामला दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ था।
निपटारा
करीब 69,000 मामलों का होगा निपटारा
कंपनी के अनुसार, इस समझौते से फेडरल कोर्ट में एक साथ चल रहे करीब 69,000 मामले और कई राज्य अदालतों में दर्ज संबंधित मामले भी सुलझ जाएंगे।
कंपनी का कहना है कि इससे उसके बचे हुए लगभग 99.75 प्रतिशत टैल्क दावों का निपटारा हो जाएगा।
वादी पक्ष की कानूनी फर्म ने भी इस समझौते की पुष्टि करते हुए इसे लंबे समय से चल रहे विवाद का महत्वपूर्ण समाधान बताया और दोनों पक्षों के लिए सकारात्मक कदम बताया।
इनकार
कंपनी ने कैंसर के आरोपों से किया इनकार
जॉनसन एंड जॉनसन ने एक बार फिर कहा कि उसके टैल्क उत्पादों से कैंसर होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
कंपनी का दावा है कि उसके टैल्क उत्पाद सुरक्षित हैं और उनमें एस्बेस्टस मौजूद नहीं है।
हालांकि, कंपनी ने वर्ष 2020 में अमेरिका में टैल्क आधारित बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर दी थी और उसकी जगह कॉर्नस्टार्च आधारित उत्पाद बेचना शुरू कर दिया था, जिसे सुरक्षित विकल्प के रूप में पेश किया गया।
कानूनी लड़ाई
कई साल से चल रही थी कानूनी लड़ाई
यह विवाद पिछले कई वर्षों से अदालतों में चल रहा था।
मार्च, 2025 में मामले की सुनवाई फिर शुरू हुई, क्योंकि इससे पहले कंपनी की एक सहयोगी इकाई के जरिए दिवालिया प्रक्रिया अपनाकर मामलों को निपटाने की कोशिशें सफल नहीं हो सकी थीं।
हाल ही में एक संघीय न्यायाधीश ने भी कुछ दावों पर सवाल उठाए थे, जिससे कंपनी को कानूनी राहत मिली थी और उसके पक्ष को कुछ मजबूती भी मिली।