ITR 2026: वेतनभोगी करदाताओं और फ्रीलांसरों को कौन-सा फॉर्म चुनना चाहिए?
क्या है खबर?
वित्त वर्ष 2025-26 की कमाई के लिए आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस ने सभी ITR फॉर्म पहले ही जारी कर दिए हैं। हालांकि, पोर्टल अप्रैल में खुल जाता है, लेकिन ज्यादातर लोग मई के बीच से रिटर्न भरना शुरू करते हैं। जानकारों के अनुसार, सही ITR फॉर्म चुनना सबसे जरूरी कदम माना जाता है। फॉर्म का चयन आपकी कमाई के स्रोत, सैलरी, कारोबार, निवेश और दूसरी आय पर निर्भर करता है।
वेतनभोगी
वेतन वालों के लिए कौन-सा फॉर्म सही?
वेतन पाने वाले ऐसे लोग जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये तक है, वे ITR-1 फॉर्म भर सकते हैं। इसमें वेतन, ब्याज और दो घरों तक की आय शामिल की जा सकती है। अब सीमित लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन की जानकारी भी इसमें दी जा सकती है। अगर शेयर या म्यूचुअल फंड से कमाई 1.25 लाख रुपये से ज्यादा है, तो फिर ITR-2 भरना जरूरी होगा। फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज पर भी नियम के अनुसार टैक्स लागू रहेगा।
फ्रीलांसर
फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स के लिए नियम
फ्रीलांसर, कंटेंट राइटर, डिजाइनर और दूसरे प्रोफेशनल्स को आमतौर पर ITR-3 या ITR-4 फॉर्म भरना होता है। अगर वे अनुमानित टैक्स योजना चुनते हैं, तो कुल कमाई का सिर्फ आधा हिस्सा टैक्स योग्य आय माना जा सकता है। ऐसे लोगों पर सेक्शन 194J के तहत 10 प्रतिशत TDS भी लागू होता है। टैक्स देनदारी 10 हजार रुपये से ज्यादा हो, तो अग्रिम टैक्स जमा करना जरूरी माना गया है। इससे बाद में जुर्माना और ब्याज से बचा जा सकता है।
अन्य
बाकी फॉर्म और जरूरी तारीख जानें
कैपिटल गेन वाले लोगों के लिए ITR-2, कारोबार और प्रोफेशन वालों के लिए ITR-3 और छोटे कारोबारियों के लिए ITR-4 तय किया गया है। वहीं कंपनियों, फर्म और ट्रस्ट के लिए अलग-अलग फॉर्म मौजूद हैं। बिना ऑडिट वाले ज्यादातर करदाताओं को 31 जुलाई, 2026 तक रिटर्न भरना होगा। कुछ मामलों में अंतिम तारीख 31 अगस्त भी तय की गई है। अगर कोई तय समय पर रिटर्न नहीं भर पाता, तो 31 दिसंबर, 2026 तक विलंबित रिटर्न दाखिल किया जा सकेगा।