आईफोन का 5 सालों में निर्यात 4,500 अरब रुपये के पार, PLI प्रोत्साहन का मिला फायदा
क्या है खबर?
ऐपल ने भारत में अपने अनुबंधित निर्माताओं के माध्यम से सरकार की स्मार्टफोन उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत निर्यात में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर, 2025 तक आईफोन का निर्यात रिकॉर्ड 50 अरब डॉलर (4,500 अरब रुपये) के पार पहुंच गया है। कंपनी के लिए लागू 5 वर्षीय PLI (पॉलिसी लिमिट) अवधि में अभी 3 महीने शेष हैं, ऐसे में निर्यात के आंकड़े में और वृद्धि होने की संभावना है।
तुलना
सैमसंग से बहुत आगे है ऐपल
एक अधिकारी ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में ही आईफोन का निर्यात लगभग 16 अरब डॉलर (करीब 1,400 अरब रुपये) रहा। इससे PLI अवधि के दौरान कुल निर्यात 50 अरब डॉलर के पार पहुंच गया। दूसरी तरफ ऐपल की प्रतिद्वंद्वी सैमसंग ने वित्त वर्ष 2021 से 2025 तक इस योजना के तहत अपनी 5 वर्षीय पात्रता अवधि के दौरान लगभग 17 अरब डॉलर (करीब 1,500 अरब रुपये) के फोन का निर्यात किया।
उत्पादन
स्मार्टफोन बना सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी
मुख्य रूप से आईफोन की बिक्री के कारण स्मार्टफोन वित्त वर्ष 2025 में भारत की सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी के रूप में उभरे हैं। वर्तमान में ऐपल के भारत में 5 आईफोन असेंबली प्लांट हैं, जिनमें से 3 टाटा समूह की कंपनियों द्वारा और 2 फॉक्सकॉन द्वारा संचालित हैं। ये प्लांट लगभग 45 कंपनियों की एक व्यापक सप्लाई चेन का सपोर्ट करते हैं, जो ऐपल के घरेलू और वैश्विक परिचालन के लिए पुर्जे की आपूर्ति करते हैं।