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इंश्योरेंस अधिकारी बनकर इंस्पेक्टर से 5.4 लाख रुपये की ठगी, कैसे रहें सुरक्षित?
इंश्योरेंस अधिकारी बनकर इंस्पेक्टर से 5.4 लाख रुपये की ठगी

इंश्योरेंस अधिकारी बनकर इंस्पेक्टर से 5.4 लाख रुपये की ठगी, कैसे रहें सुरक्षित?

Aug 31, 2026
01:48 pm

क्या है खबर?

अहमदाबाद में इंश्योरेंस के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 45 साल की एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर से जालसाजों ने करीब 5.4 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बताया और महिला को बड़ी रकम मिलने का भरोसा दिलाया। उन्होंने उसकी पॉलिसी की जानकारी भी बताई, जिससे उसे विश्वास हो गया। बाद में अलग-अलग बहानों से उससे पैसे ट्रांसफर कराए गए।

ठगी

पॉलिसी की जानकारी बताकर जीता भरोसा

ठगी 11 अगस्त को अनजान नंबर से आए फोन के साथ शुरू हुई।

जालसाज ने खुद को इंश्योरेंस कंपनी के दिल्ली दफ्तर का कर्मचारी बताया और दो पॉलिसियों की जानकारी दी। दावा किया कि एक एजेंट ने पॉलिसी की 80 प्रतिशत रकम के लिए क्लेम किया है।

दूसरे व्यक्ति ने खुद को मैनेजर बताया और कहा कि महिला को प्रीमियम और ब्याज मिलाकर 19.5 लाख रुपये मिलेंगे। इसके बाद पहले 99,227 रुपये मांगे गए।

फीस 

GST और फीस के नाम पर ऐंठे पैसे

इसके बाद जालसाजों ने GST के नाम पर 4.4 लाख रुपये और मांगे और रकम वापस मिलने का भरोसा दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने QR कोड से 50,000 रुपये और 19 व 20 अगस्त को बैंक ट्रांसफर से 3.9 लाख रुपये भेजे। 24 अगस्त को फिर कहा गया कि पॉलिसी की रकम 24.9 लाख रुपये हो गई है।

अंत में भुगतान जारी करने के लिए उससे 5.1 लाख रुपये जमा करने को कहा गया।

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सुरक्षा

कैसे रहें इंश्योरेंस ठगी से सुरक्षित?

इंश्योरेंस से जुड़ी किसी अनजान कॉल पर तुरंत भरोसा न करें, भले सामने वाला आपकी पॉलिसी की सही जानकारी बताए।

किसी भी भुगतान से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या पॉलिसी दस्तावेज में दिए नंबर पर खुद संपर्क करें। प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी या वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें।

अनजान क्यूआर कोड स्कैन न करें और किसी अज्ञात खाते में रकम ट्रांसफर न करें। OTP, पिन या बैंक की जानकारी किसी से साझा न करें।

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