IPL 2026 में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग का बढ़ता ट्रेंड, 700 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है आंकड़ा
क्या है खबर?
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान इन्फ्लुएंसर आधारित प्रचार या इन्फ्लुएंसर आधारित कैंपेन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। क्रिएटर इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म क्योरुज की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में IPL के दौरान ऐसे कैंपेन करीब 700 करोड़ रुपये तक पहुंच सकते हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि ब्रांड्स अब दर्शकों से जुड़ने के लिए तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्रिएटर्स का सहारा ले रहे हैं और नए तरीके अपना रहे हैं।
बाजार
पिछले सालों में तेजी से बढ़ा बाजार
रिपोर्ट के मुताबिक, यह बाजार 2023 में करीब 250 करोड़ रुपये था, जो 2025 में बढ़कर लगभग 550 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2026 में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। कुल डिजिटल विज्ञापन खर्च में भी इसका हिस्सा 16 से 18 प्रतिशत तक हो सकता है। इससे साफ है कि कंपनियां अब अपने बजट का बड़ा हिस्सा डिजिटल और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग की ओर शिफ्ट कर रही हैं, जिससे इस सेक्टर को लगातार मजबूती मिल रही है।
उछाल
क्रिएटर्स और एंगेजमेंट में जबरदस्त उछाल
IPL से जुड़े कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2023 में जहां करीब 6.4 लाख क्रिएटर्स थे, वहीं 2025 में यह संख्या 12 लाख तक पहुंच गई और 2026 में 15 लाख पार कर सकती है। इससे सोशल मीडिया पर एंगेजमेंट भी बढ़ा है, जो 1.4 अरब से बढ़कर 2.6 अरब हो गया। अब माइक्रो और नैनो क्रिएटर्स भी बड़ी भूमिका निभा रहे हैं, जिससे ऑडियंस तक पहुंच और ज्यादा मजबूत हो रही है।
तरीका
ब्रांड्स और प्लेटफॉर्म का बदलता तरीका
अब ब्रांड्स सिर्फ बड़े इन्फ्लुएंसर पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि छोटे और मध्यम क्रिएटर्स को भी शामिल कर रहे हैं। इससे उनकी पहुंच और एंगेजमेंट दोनों बढ़ रहे हैं। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म IPL कंटेंट में सबसे आगे हैं, जहां आधे से ज्यादा गतिविधि होती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि IPL अब सिर्फ मैच देखने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा डिजिटल इकोसिस्टम बन चुका है, जहां फैंस लगातार जुड़े रहते हैं।