भारतीय ऐपल सप्लायर्स ने 230 अरब रुपये के पार्ट्स चीन भेजकर बनाया नया रिकॉर्ड
क्या है खबर?
भारत से चीन को इलेक्ट्रॉनिक्स सामान भेजने में तेज बढ़त हुई है। द इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट, ऐपल के साथ काम करने वाली कंपनियों ने वित्त वर्ष-26 में अब तक करीब 2.5 अरब डॉलर (लगभग 230 अरब रुपये) के पार्ट्स चीन भेजे हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। पहले चीन भारत को सामान भेजता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है और भारत खुद बड़ी मात्रा में सामान भेज रहा है।
निर्यात
निर्यात 3.5 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष-26 में चीन को भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 3.5 अरब डॉलर (लगभग 325 अरब रुपये) तक पहुंच सकता है। जनवरी तक ही यह 2.8 अरब डॉलर (लगभग 260 अरब रुपये) तक पहुंच गया है। यह पिछले साल के 92 करोड़ डॉलर (लगभग 8,600 करोड़ रुपये) से काफी ज्यादा है। कुल मिलाकर, इस साल चीन को भारत का कुल निर्यात 18 अरब डॉलर (लगभग 1,700 अरब रुपये) से ऊपर जा सकता है।
योजना
सरकारी योजनाओं से मिली मदद
सरकार की PLI और ECMS जैसी योजनाओं से इस बढ़त को बड़ी मदद मिली है। इन योजनाओं से भारत में सामान बनाने की ताकत और क्षमता तेजी से बढ़ी है। ऐपल जैसी कंपनियों ने भारत में बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू किया, जिससे देश में ही पार्ट्स बनने लगे। अब यही सामान विदेशों में भेजा जा रहा है, जिससे उद्योग को मजबूती मिल रही है और नई कंपनियां भी इस सेक्टर में तेजी से जुड़ती जा रही हैं।
सप्लायर
भारत बन सकता है बड़ा सप्लायर
आने वाले समय में भारत दुनिया में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बनाने और भेजने वाला बड़ा देश बन सकता है। सरकार अब और ज्यादा उत्पादन बढ़ाने और निर्यात बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो भारत का नाम बड़े निर्यात करने वाले देशों में शामिल हो सकता है। इससे रोजगार के मौके बढ़ेंगे, निवेश आएगा और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी, साथ ही ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की भूमिका और ज्यादा मजबूत होगी।