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तेल संकट के कारण थोक महंगाई दर साढ़े 3 साल में सबसे अधिक, 8.3 प्रतिशत दर्ज
तेल संकट के कारण थोक महंगाई दर साढ़े 3 साल में सबसे अधिक

तेल संकट के कारण थोक महंगाई दर साढ़े 3 साल में सबसे अधिक, 8.3 प्रतिशत दर्ज

लेखन गजेंद्र
May 14, 2026
02:21 pm

क्या है खबर?

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण बढ़े तेल संकट का असर भारत की महंगाई दर पर पड़ने लगा है। देश की थोक महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर साढ़े 3 साल के उच्चतम स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो मार्च 2026 के 3.88 प्रतिशत से कही अधिक है। रॉयटर्स के मुताबिक, थोक मुद्रास्फीति ने 4.4 प्रतिशत के अनुमान को भी काफी पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले अक्टूबर 2022 में थोक मुद्रास्फीति में 8.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखी थी।

महंगाई

ईंधन और बिजली से लेकर सब्जियां तक महंगी

रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में ईंधन और बिजली की कीमतों में पिछले वर्ष की तुलना में 24.71 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मार्च में यह वृद्धि सिर्फ 1.05 प्रतिशत थी। अप्रैल में थोक खाद्य पदार्थों की कीमतों में पिछले वर्ष की तुलना में 2.31 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मार्च में यह 1.85 प्रतिशत रही थी। सब्जियों की कीमतों में पिछले वर्ष की तुलना में 0.53 प्रतिशत की वृद्धि, विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में 4.62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

संकट

कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश

थोक महंगाई दर में यह बढ़ोतरी तब देखने को मिली है, जब सरकार वैश्चिक कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि के बाद भी घरेलू स्तर पर कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है। उसने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस की खुदरा कीमतों में हल्की बढ़ोतरी की है, जबकि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। अप्रैल में कच्चे पेट्रोलियम में मुद्रास्फीति 88.06 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो पिछले महीने 51.5 प्रतिशत पर थी।

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चेतावनी

RBI कर चुका है सावधान

अप्रैल में हुई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के बाद गर्वनर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2027 के लिए नए जोखिमों की आशंका जताई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान मुद्रास्फीति, व्यापार और समग्र आर्थिक गतिविधि पर असर डाल सकता है। उन्होंने वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया और बताया कि स्थिर उपभोग, निवेश बढ़ोतरी और मजबूत सेवा क्षेत्र गतिविधि के बावजूद संभावित खतरा बना हुआ है।

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