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भारत 2026 में बन सकता है दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर बाजार- रिपोर्ट
भारत बन सकता है दूसरा सबसे बड़ा सोलर बाजार

भारत 2026 में बन सकता है दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर बाजार- रिपोर्ट

Apr 14, 2026
06:21 pm

क्या है खबर?

भारत में अब सौर ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और यह साफ ऊर्जा का बड़ा विकल्प बनता जा रहा है। नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया (NSEFI) के अनुसार, देश 2026 तक सालाना इंस्टॉलेशन के आधार पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर बाजार बन सकता है। यह दिखाता है कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसकी भूमिका और मजबूत होने वाली है।

क्षमता

रिकॉर्ड रफ्तार से बढ़ी सोलर क्षमता

भारत ने सिर्फ 14 महीनों में 50 गीगावाट सोलर क्षमता जोड़कर नया रिकॉर्ड बनाया है और कुल क्षमता 150 गीगावाट तक पहुंच गई है। यह अब तक की सबसे तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है। पहले 50 गीगावाट तक पहुंचने में 11 साल लगे थे, जबकि अगला 50 गीगावाट करीब तीन साल में पूरा हुआ था। अब यह रफ्तार और तेज हो गई है, जिससे साफ है कि देश में सोलर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

लक्ष्य

2030 तक बड़े लक्ष्य हासिल करने की तैयारी

रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2030 तक 280-300 गीगावाट सोलर क्षमता हासिल कर सकता है, जो 500 गीगावाट नॉन-फॉसिल लक्ष्य का अहम हिस्सा होगा। इस लक्ष्य को पाने के लिए लगातार नए प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। PM सूर्य घर और PM कुसुम जैसी योजनाएं इसमें मदद कर रही हैं। साथ ही, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में सोलर अपनाने की रफ्तार भी बढ़ रही है, जिससे आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में और तेजी देखने को मिल सकती है।

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मैन्युफैक्चरिंग

मैन्युफैक्चरिंग और स्टोरेज पर ज्यादा ध्यान

भारत अब सोलर उपकरणों के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहा है। सरकार भी इस दिशा में कई नई नीतियां लागू कर रही है। PLI जैसी योजनाओं से घरेलू उत्पादन मजबूत हो रहा है। साथ ही एनर्जी स्टोरेज पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बिजली को सुरक्षित रखा जा सके। अगले 12-18 महीनों में स्टोरेज क्षमता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र और मजबूत होगा।

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