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भारत के सर्विस सेक्टर में बढ़ी गतिविधियां, अक्टूबर में 4 महीने के उच्चतम स्तर पर PMI
भारत के सर्विस सेक्टर में बढ़ी गतिविधियां

भारत के सर्विस सेक्टर में बढ़ी गतिविधियां, अक्टूबर में 4 महीने के उच्चतम स्तर पर PMI

Nov 04, 2026
06:29 pm

क्या है खबर?

भारत के सर्विस सेक्टर में अक्टूबर के दौरान कारोबार की रफ्तार बढ़ी है। 4 नवंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र की गतिविधियां 4 महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। HSBC इंडिया सर्विसेज PMI सितंबर के 55.2 से बढ़कर अक्टूबर में 55.8 हो गया, जो जून के बाद सबसे तेज बढ़ोतरी है। मजबूत घरेलू मांग और नए ऑर्डर मिलने से कंपनियों के कारोबार को सहारा मिला। हालांकि, निर्यात और रोजगार की रफ्तार धीमी रही।

ऑर्डर

नए ऑर्डर मिलने से बढ़ी कारोबार की रफ्तार

अक्टूबर में सर्विस सेक्टर की कंपनियों को घरेलू बाजार से ज्यादा काम मिला।

नए बिजनेस ऑर्डर में पिछले 4 महीनों की सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनियों ने इसके पीछे ग्राहकों की बढ़ती मांग, नए ग्राहक जुड़ने और विज्ञापन अभियानों को वजह बताया है।

वित्त और बीमा क्षेत्र में कारोबार सबसे तेजी से बढ़ा है। वहीं, रियल एस्टेट और कारोबारी सेवाओं में बढ़ोतरी की रफ्तार बाकी क्षेत्रों के मुकाबले धीमी रही।

दबाव

लागत का दबाव कम हुआ

अक्टूबर में सर्विस कंपनियों को लागत के मोर्चे पर राहत मिली है।

कच्चे माल, बिजली, मजदूरी और परिवहन जैसे खर्चों के बावजूद इनपुट लागत में बढ़ोतरी अगस्त, 2020 के बाद सबसे कम रही। इसके चलते कंपनियों ने अपनी सेवाओं की कीमतों में भी कम बढ़ोतरी की। सर्वे में शामिल 3 प्रतिशत से कम कंपनियों ने शुल्क बढ़ाए।

हालांकि, कारोबार बढ़ने के बावजूद नई भर्तियों की रफ्तार जून के बाद सबसे कमजोर रही।

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निर्यात

निर्यात और कारोबारी भरोसे में दिखी कमजोरी

घरेलू मांग मजबूत रहने के बावजूद विदेशी ग्राहकों से मिलने वाले ऑर्डर की बढ़ोतरी धीमी रही।

अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर में फरवरी, 2023 के बाद सबसे कमजोर तेजी दर्ज की गई। अक्टूबर में कंपनियों का कारोबारी भरोसा भी सितंबर के मुकाबले घटा और लंबे समय के औसत से नीचे रहा।

दूसरी ओर, सर्विस सेक्टर में सुधार से पूरे निजी क्षेत्र को फायदा मिला है। मैन्युफैक्चरिंग की धीमी रफ्तार के बावजूद कंपोजिट PMI सितंबर के 55.9 से बढ़कर 56.2 हो गया।

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