भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को अब तक 130 अरब रुपये की फंडिंग, बेंगलुरु सबसे आगे
क्या है खबर?
भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में 281 कंपनियों को अब तक कुल 1.4 अरब डॉलर (करीब 130 अरब रुपये) की इक्विटी फंडिंग मिली है। ट्रैकसन के आंकड़ों के अनुसार, इसमें से लगभग आधी रकम 70.10 करोड़ डॉलर (करीब 6,650 करोड़ रुपये) 2025 के बाद से जुटाई गई है। ये नतीजे सेमीकॉन इंडिया 2026 से कुछ दिन पहले सामने आए हैं। यह देश का प्रमुख सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी है, जो 17-19 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
कंपनी
फंडिंग में ये कंपनियां सबसे आगे
इस सेक्टर में भारत में 3,557 कंपनियां हैं, जिनमें से 281 कंपनियों को फंडिंग मिली है और इनमें से 142 ने इक्विटी फंडिंग जुटाई है।
ट्रैकसन के अनुसार, 2026 में अब तक इस सेक्टर में 22.80 करोड़ डॉलर (करीब 2,150 करोड़ रुपये) की फंडिंग हुई है।
टेसॉल्व सेमीकंडक्टर अब तक कुल 21.30 करोड़ डॉलर (करीब 2,000 करोड़ रुपये) की फंडिंग के साथ इस सेक्टर में सबसे आगे है। इसके बाद ILJIN इलेक्ट्रॉनिक्स और VVDN का स्थान है।
शहर
पैसे जुटाने में इन शहरों का दबदबा
बेंगलुरु इस सेक्टर का मुख्य केंद्र बना रहा। यहां इस सेक्टर की कुल 3,557 कंपनियों में से 626 कंपनियां (कुल का लगभग 18 फीसदी) मौजूद हैं और अब तक जुटाई गई कुल इक्विटी फंडिंग में इसकी हिस्सेदारी 40.1 फीसदी रही है।
फंडिंग हिस्सेदारी के मामले में इसके बाद नोएडा (16.4 फीसदी), गुरूग्राम (10.7 फीसदी), कोच्चि (8.8 फीसदी) और हैदराबाद (6.2 फीसदी) का स्थान रहा।
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज इस सेक्टर की फंडिंग में सबसे आगे रही है।