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2030 तक 27,500 अरब रुपये तक पहुंच सकता है भारत का सेमीकंडक्टर बाजार
2030 तक 27,500 अरब रुपये तक पहुंच सकता है भारत का सेमीकंडक्टर बाजार

2030 तक 27,500 अरब रुपये तक पहुंच सकता है भारत का सेमीकंडक्टर बाजार

Mar 18, 2026
03:47 pm

क्या है खबर?

भारत का सेमीकंडक्टर बाजार तेजी से आगे बढ़ रहा है। डेलॉइट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बाजार आने वाले वर्षों में तेजी से विस्तार करेगा। अनुमान है कि 2030 तक यह करीब 120 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा और 2035 तक बढ़कर लगभग 300 अरब डॉलर (लगभग 27,500 अरब रुपये) हो सकता है। यह बढ़ोतरी देश में बढ़ती तकनीकी जरूरतों, डिजिटल उपयोग और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के विस्तार के कारण देखने को मिल सकती है, जिससे नई संभावनाएं बन रही हैं।

मांग

घरेलू उत्पादन से मांग पूरी होने की उम्मीद

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपने चिप इकोसिस्टम में बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। 2035 तक देश अपनी जरूरत का 60 प्रतिशत से ज्यादा सेमीकंडक्टर खुद बनाने में सक्षम हो सकता है। फिलहाल भारत अपनी 90 प्रतिशत से ज्यादा जरूरतें आयात से पूरी करता है। भारत सरकार की योजनाएं और निवेश इस दिशा में तेजी ला रहे हैं, जिससे देश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश लगातार की जा रही है।

निवेश

किन क्षेत्रों से बढ़ेगी मांग और निवेश?

इस ग्रोथ के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स, डाटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे कई सेक्टर अहम भूमिका निभाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल फोन, कंप्यूटिंग और ऑटोमोबाइल मिलकर 2035 तक कुल मांग का 70 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बनेंगे। इस सेक्टर में पहले ही 19 अरब डॉलर (लगभग 1,750 अरब रुपये) से ज्यादा निवेश आ चुका है और आगे भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स आने की संभावना जताई गई है।

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चुनौती

रोजगार और चुनौतियों पर भी जोर

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2035 तक इस सेक्टर में करीब 20 लाख नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं। इसके लिए हर साल लाखों लोगों को ट्रेनिंग देने की जरूरत होगी। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस योजना की सफलता मजबूत नीतियों और सही क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर इस सेक्टर की सफलता के लिए बेहद जरूरी माना गया है।

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