चीन से बढ़ा भारत का आयात, लिथियम से खिलौनों तक आया इतना सामान
क्या है खबर?
भारत में चीन से सामान के बढ़ते आयात को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच वाणिज्य मंत्रालय ने 11 अगस्त को कहा कि चीन से आने वाले कुछ सामान कई भारतीय उद्योगों के लिए जरूरी हैं। इनमें लिथियम, कोबाल्ट, निकल, ग्रेफाइट और दुर्लभ खनिज शामिल हैं। इनका इस्तेमाल स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर बनाने में होता है। मंत्रालय के मुताबिक, कुछ औद्योगिक सामान और आधुनिक तकनीक भी घरेलू उत्पादन के लिए जरूरी हैं।
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इंजीनियरिंग सामान का आयात सबसे ज्यादा बढ़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीन से इंजीनियरिंग सामान का आयात पिछले तीन साल में तेजी से बढ़ा है।
2023-24 में यह 53.83 अरब डॉलर था, जो 2024-25 में बढ़कर 63.95 अरब डॉलर और 2025-26 में 75.82 अरब डॉलर हो गया। यानी दो साल में इसमें करीब 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
प्लास्टिक का आयात भी 5.67 अरब डॉलर से बढ़कर 6.71 अरब डॉलर हो गया। कपड़ा आयात 3.68 अरब डॉलर से बढ़कर 4.46 अरब डॉलर रहा।
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खिलौनों का आयात भी लगातार बढ़ा
चीन से भारत आने वाले खिलौनों की मात्रा में भी बढ़ोतरी हुई है।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 में चीन से 26 करोड़ डॉलर के खिलौने आयात किए गए थे। 2024-25 में यह बढ़कर 29 करोड़ डॉलर और 2025-26 में 35 करोड़ डॉलर हो गया।
मंत्रालय ने कहा कि कुछ चीनी सामान घरेलू उद्योगों के लिए जरूरी हैं। हालांकि, कम कीमत वाले सामान से भारतीय निर्माताओं पर पड़ने वाले असर को लेकर सरकार स्थिति पर नजर रखती है।
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गलत आयात पर सरकार रखती है नजर
सरकार ने बताया कि सीमा शुल्क अधिकारी कम कीमत दिखाकर सामान मंगाने, सामान या उसके मूल देश की गलत जानकारी देने जैसी गतिविधियों पर नजर रखते हैं।
राजस्व खुफिया निदेशालय भी आंकड़ों और अन्य जानकारी के आधार पर जांच करता है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सामान जब्त करने, शुल्क वसूलने और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों को रोकने के लिए गुणवत्ता जांच और जरूरी प्रमाणपत्र लागू हैं।