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भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान, गोल्डमैन सैक्स ने जताई बढ़त की उम्मीद
भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान

भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान, गोल्डमैन सैक्स ने जताई बढ़त की उम्मीद

Jun 26, 2026
04:59 pm

क्या है खबर?

ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सकता है। गोल्डमैन सैक्स ने पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले एजेंसी ने 6.1 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था। अब कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और बेहतर आर्थिक माहौल से भारत को राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।

फायदा

तेल सस्ता होने से अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

गोल्डमैन सैक्स ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालात सुधरने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। भारतीय क्रूड ऑयल बास्केट की कीमत पहले 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर थी, जो घटकर करीब 70.71 डॉलर प्रति बैरल रह गई। इससे भारत का आयात बिल कम होगा, महंगाई पर दबाव घटेगा और सरकार के खर्च पर भी राहत मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे उद्योगों और आम उपभोक्ताओं को भी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

महंगाई

महंगाई का अनुमान भी घटाया गया

रिपोर्ट में महंगाई का अनुमान भी पहले के 5.1 प्रतिशत से घटाकर 4.9 प्रतिशत कर दिया गया है। एजेंसी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर यूरिया और अन्य कमोडिटी की कीमतों में कमी आने से उर्वरक सब्सिडी का बोझ भी कम हो सकता है। इससे सरकार की वित्तीय स्थिति बेहतर रहेगी और उद्योगों पर लागत का दबाव भी पहले के मुकाबले कम होने की उम्मीद है। इससे निवेश और कारोबार का माहौल भी पहले से बेहतर बन सकता है।

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जोखिम

मौसम बना रह सकता है सबसे बड़ा जोखिम

गोल्डमैन सैक्स ने यह भी कहा कि बेहतर आर्थिक संकेतों के बावजूद मौसम से जुड़ी अनिश्चितताएं अभी चिंता का विषय हैं। हीटवेव और कमजोर ग्रामीण मांग का असर कुछ समय तक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। हालांकि, एजेंसी का मानना है कि हालात सामान्य रहने पर आगे चलकर खपत में सुधार होगा। कच्चे तेल की कम कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती देने में मदद करेंगी। ग्रामीण बाजार में मांग बढ़ने से विकास दर को और सहारा मिल सकता है।

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