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भारत के घरेलू हवाई यातायात की वृद्धि वित्त वर्ष 2026 में धीमी
घरेलू हवाई यात्रियों की बढ़ोतरी रही धीमी

भारत के घरेलू हवाई यातायात की वृद्धि वित्त वर्ष 2026 में धीमी

Apr 30, 2026
06:20 pm

क्या है खबर?

कोरोना महामारी के बाद भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में इस साल सबसे कम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष-26 में यात्रियों की संख्या केवल 1.33 प्रतिशत बढ़कर 16.74 करोड़ पहुंची, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है। इससे पहले वित्त वर्ष-25 में 7 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई थी। यह साफ दिखाता है कि एविएशन सेक्टर की रफ्तार इस साल धीमी पड़ गई है।

वजह

विमानों की कमी बनी बड़ी वजह

इस धीमी बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह एयरलाइंस के पास विमानों की कमी बताई जा रही है। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी कंपनियों को सुरक्षा जांच और नियमों के कारण अपने ऑपरेशन कम करने पड़े। कई विमान तकनीकी खराबी और इंजन समस्याओं की वजह से ग्राउंडेड रहे। सप्लाई चेन की दिक्कतों ने भी नए विमानों की उपलब्धता को प्रभावित किया, जिससे उड़ानों की संख्या कम हो गई और यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर भी काफी असर पड़ा।

असर

महंगे टिकट और वैश्विक तनाव का असर

तेल की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया में तनाव का भी इस सेक्टर पर बड़ा असर पड़ा है। एयरलाइंस ने बढ़ते खर्च को संभालने के लिए टिकट की कीमतें बढ़ा दीं और फ्यूल सरचार्ज लगाया। इससे यात्रियों का रुझान थोड़ा कम हुआ। इसके अलावा, पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने से उड़ानों को लंबा रास्ता लेना पड़ा, जिससे ऑपरेशन महंगे हुए और यात्रा पर असर पड़ा, साथ ही टिकट बुकिंग में भी गिरावट देखने को मिली।

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रुझान

रेल यात्रा की ओर बढ़ा रुझान

हवाई यात्रा की धीमी रफ्तार के बीच रेलवे में यात्रियों की संख्या बढ़ी है। इस साल रेलवे ने रिकॉर्ड यात्री संख्या दर्ज की, जो पिछले साल से ज्यादा रही। सस्ती टिकट और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से लोग ट्रेन यात्रा को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। वहीं, हवाई यात्रा में बार-बार फ्लाइट कैंसिल और महंगे टिकट ने भी लोगों का रुझान कम कर दिया है, जिससे एविएशन सेक्टर पर दबाव लगातार बना हुआ है।

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