खाद्य वस्तुओं के बढ़े दाम का असर, अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 प्रतिशत हुई
क्या है खबर?
देश में महंगाई ने अगस्त में एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 प्रतिशत थी। यह आठ महीने का सबसे ऊंचा स्तर है, जिससे आम परिवारों का बजट प्रभावित हुआ। महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतें रहीं। खुदरा महंगाई लगातार तीसरे महीने भारतीय रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर बनी रही।
महंगा
क्या कुछ हुआ महंगा?
अगस्त में रसोई से जुड़ी कई चीजें महंगी हुईं हैं। प्याज की महंगाई जुलाई के 22.54 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 48.27 प्रतिशत पहुंच गई।
लहसुन की महंगाई भी 35.36 प्रतिशत से बढ़कर 43.60 प्रतिशत हो गई। अदरक की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली और इसकी महंगाई 73.82 प्रतिशत रही।
इन चीजों के महंगे होने से घरों में रोजाना खाना बनाने का खर्च बढ़ गया और लोगों की परेशानी बढ़ी है।
सस्ता
क्या हुआ सस्ता?
पिछले महीने कई सब्जियों के दाम बढ़ने के बीच कुछ सामान सस्ते भी हुए।
अगस्त में टमाटर की कीमतें पिछले साल के मुकाबले 31.09 प्रतिशत कम हुईं। आलू के दाम भी 13.14 प्रतिशत घटे। हालांकि, इससे कुल खाद्य महंगाई पर ज्यादा राहत नहीं मिली है।
खाने-पीने की चीजों की महंगाई जुलाई के 5.52 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 5.95 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई 6.13 प्रतिशत दर्ज हुई है।
महंगाई
गांवों में महंगाई का दबाव ज्यादा रहा
अगस्त में ग्रामीण भारत में कुल खुदरा महंगाई 5.23 प्रतिशत रही, जबकि शहरों में यह 4.31 प्रतिशत दर्ज की गई।
जुलाई में ग्रामीण महंगाई 4.84 प्रतिशत और शहरी महंगाई 3.96 प्रतिशत थी। इससे साफ है कि शहरों की तुलना में गांवों में महंगाई का दबाव ज्यादा बढ़ा है।
रेस्टोरेंट और रहने की सेवाएं भी 8.38 प्रतिशत महंगी हुईं। वहीं, परिवहन सेवाओं में महंगाई 4.60 प्रतिशत रही, जिससे रोजमर्रा का खर्च और भी बढ़ा है।
अन्य
ज्वेलरी और दूसरी सेवाएं भी महंगी हुईं
महंगाई का असर कई दूसरी चीजों पर भी पड़ा है। पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य सेवाओं में महंगाई 15.17 प्रतिशत रही।
कीमती धातुओं की ज्वेलरी के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। अगस्त में चांदी की ज्वेलरी की महंगाई 107.11 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, सोने, हीरे और प्लैटिनम की ज्वेलरी पिछले साल के मुकाबले 35.53 प्रतिशत महंगी हुई।
अब बढ़ती कीमतों के बीच नजर RBI की अक्टूबर में होने वाली बैठक पर रहेगी।