IBM के शेयरों में 1968 के बाद सबसे बड़ी गिरावट, क्यों डूबे 9,600 अरब रुपये?
क्या है खबर?
अमेरिका की टेक कंपनी IBM के शेयरों में मंगलवार को 1968 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का शेयर करीब 25 प्रतिशत टूट गया, जबकि पिछले 42 दिनों में इसमें लगभग 35 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। इससे कंपनी के बाजार मूल्य में 100 अरब डॉलर (लगभग 9,600 अरब रुपये) से अधिक की कमी आई। इस बड़ी गिरावट का असर भारतीय IT शेयरों पर भी पड़ा और निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
वजह
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
IBM ने दूसरी तिमाही के लिए 17.2 अरब डॉलर (लगभग 1,650 अरब रुपये) के राजस्व और 2.93 डॉलर प्रति शेयर आय का अनुमान दिया, जो बाजार की उम्मीद से कम रहा।
कंपनी ने बताया कि कई बड़े ग्राहक अब सॉफ्टवेयर पर खर्च कम कर रहे हैं और अपना बजट सर्वर, स्टोरेज, मेमोरी और दूसरे AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगा रहे हैं।
इससे कई बड़ी कारोबारी डील समय पर पूरी नहीं हो सकीं और प्रदर्शन कमजोर रहा।
खर्च
AI निवेश ने बदला खर्च का रुख
कंपनी के अनुसार, AI तकनीक की बढ़ती मांग के कारण कारोबारियों ने अपने निवेश का तरीका बदल दिया है।
पहले जहां सॉफ्टवेयर पर अधिक खर्च होता था, वहीं अब डाटा सेंटर, चिप, सर्वर और नेटवर्क जैसे हार्डवेयर पर ज्यादा पैसा लगाया जा रहा है। इसी बदलाव का असर IBM के मुख्य कारोबार पर पड़ा है।
कंपनी का मानना है कि वह इस बदलते माहौल के अनुसार उतनी तेजी से खुद को नहीं ढाल सकी।
असर
भारतीय IT शेयरों पर भी दिखा असर
IBM की गिरावट का असर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है।
इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, HCL टेक, टेक महिंद्रा और दूसरी IT कंपनियों के शेयरों में कमजोरी रही। अब निवेशकों की नजर भारतीय IT कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी।
इसके साथ ही IBM 22 जुलाई को अपने दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करेगी, जिन पर बाजार की खास नजर रहेगी।