रिफंड के नाम पर हो रही धोखाधड़ी, जानिए कैसे करता है काम और इससे कैसे बचें
क्या है खबर?
ऑनलाइन शॉपिंग ने जिंदगी को आसान बना दिया है, लेकिन साइबर अपराधियों ने यहां भी लोगों को ठगी का शिकार बना लिया है। इसमें रिफंड स्कैम के मामले काफी बढ़ते जा रहे हैं। जालसाज लोगों को रिफंड प्रोसेस का झांसा देकर खाते से पैसे उड़ा रहे हैं। कई लोग इस धोखाधड़ी के बारे में जागरूक नहीं है, जिससे उन्हें फंसाना आसान हो गया है। आइये जानते हैं रिफंड स्कैम कैसे काम करता है और इससे कैसे बचें।
शुरुआत
ऐसे होती है ठगी की शुरुआत
रिफंड स्कैम में साइबर ठग किसी कंपनी या सर्विस के नाम पर रिफंड का झांसा देकर लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। यह स्कैम तब शुरू होता है, जब कोई ग्राहक डैमेज प्रोडक्ट रिटर्न करने या ऑर्डर कैंसिल करने के बाद रिफंड चाहता है। कई लोगाें को कस्टमर केयर नंबर का पता नहीं हाेता और वे गूगल पर सर्च किए नंबर का ही उपयोग करते हैं। इनमें से कई नंबर स्कैमर्स के होते हैं।
तरीका
इस तरीके से जाल में फंसा रहे
ऐसे फेक नंबर पर कॉल करने पर ठग खुद को कस्टमर केयर बताकर रिफंड प्रोसेस शुरू करने का भरोसा दिलाता है। इसके बाद वह व्हाट्सऐप पर आता है और आपको स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए तैयार कर लेता है। रिफंड के नाम पर जैसे ही आप स्क्रीन शेयर करते हैं तो फोन का कंट्रोल ठग के हाथ में चला जाता है। इसके बाद वह बैंक और वॉलेट ऐप एक्सेस कर उनमें जमा पैसा निकाल लेता है।
फेक नंबर
ऐसे सामने आते हैं फेक नंबर
साइबर अपराधी SEO और पेड विज्ञापनों के जरिए अपने नंबर को गूगल सर्च परिणाम में ऊपर दिखा देते हैं, ताकि लोग उसे ही आधिकारिक नंबर समझें। कई बार ये नंबर 'ऐड' टैग के साथ भी दिखते हैं, लेकिन लोग ध्यान नहीं देते। इसलिए, सिर्फ गूगल सर्च पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं है। आप संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर जाएं। वहां दिए गए हेल्प, सपोर्ट या कॉन्टैक्ट अस सेक्शन में दिए कॉन्टैक्ट नंबर या ईमेल से संपर्क करें।
बचाव
ठगी से ऐसे रह सकते हैं सुरक्षित
हमेशा कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से संपर्क करें। याद रखें, कस्टमर केयर कभी भी रिफंड देने के लिए आपके फोन का कंट्रोल या OTP नहीं मांगता है। कस्टमर केयर नंबर गूगल पर सर्च न करें, OTP या बैंक की जानकारी न दें, किसी तरह का संदेह होने पर फोन काट दें। ठगी का शिकार हो जाएं तो ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवा दें, UPI पिन, नेट बैंकिंग, कार्ड की जानकारी बदल दें और फोन से संदिग्ध ऐप्स को हटा दें।