क्रेडिट स्कोर होम लोन की स्वीकृति को कैसे करता है प्रभावित?
क्या है खबर?
होम लोन देने वाली बैंक या संस्थाएं लोन की शर्तें तय करने से पहले आपकी क्रेडिट योग्यता का मूल्यांकन करती हैं। जिन बातों पर विचार करती हैं, उनमें से क्रेडिट स्कोर प्रमुख होता है। यह न केवल लोन की मंजूरी तय करने में, बल्कि ब्याज दर, लोन की राशि को निर्धारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके कम या ज्यादा होना पूरी डील प्रभावित होती है। आइये जानते हैं क्रेडिट स्कोर होम लोन को कैसे प्रभावित करता है।
आदर्श
कितना स्कोर माना जाता है आदर्श?
क्रेडिट स्कोर आमतौर पर 300-900 के बीच होता है, जिसका सीधा असर लोन की पात्रता, ब्याज दरों और लोन राशि पर पड़ता है। 750 से ऊपर का स्कोर उत्कृष्ट माना जाता है, जिससे लोन की शीघ्र मंजूरी और कम ब्याज दरों की संभावना बढ़ जाती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा लाइसेंस प्राप्त क्रेडिट सूचना कंपनी क्रिफ हाई मार्क की रिपोर्ट के अनुसार, 650 से कम स्कोर पर ब्याज दरें अधिक हो सकती या लोन आवेदन अस्वीकृत हो सकता है।
असर
कम स्कोर होने पर क्या होगा असर?
आपका स्कोर 700-749 के बीच है तो इसका मतलब है कि आपकी स्थिति अच्छी है। हालांकि, आपको लोन मिल जाएगा, लेकिन बैंकों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर थोड़ी अधिक हो सकती है। 700 से कम स्कोर पर स्थिति में काफी बदलाव आने लगता है। बैंक तो लोन स्वीकृत तो कर सकते हैं, लेकिन इसका असर उच्च ब्याज दरों, कम स्वीकृत राशि या अतिरिक्त शर्तों के रूप में दिख सकता है। इसलिए, सर्वोत्तम डील मिलने की संभावना कम होती है।