मोबाइल नंबर बदलने पर हर वित्तीय अकाउंट में कैसे करें अपडेट?
क्या है खबर?
मोबाइल नंबर बदलने के बाद सिर्फ बैंक में जानकारी अपडेट करना काफी नहीं होता। बैंक, क्रेडिट कार्ड, UPI, निवेश, बीमा और सरकारी अकाउंट में अलग-अलग नंबर दर्ज हो सकता है। पुराने नंबर के बंद होने से OTP, लेनदेन अलर्ट और जरूरी सूचनाएं रुक सकती हैं। इसलिए नया नंबर मिलने के बाद सभी वित्तीय अकाउंट्स में जानकारी बदलना जरूरी है। सबसे पहले बैंक से शुरुआत करें और फिर बाकी सेवाओं में नया नंबर जांचकर अपडेट करें।
#1
बैंक और UPI में ऐसे बदलें नंबर
सबसे पहले बैंक अकाउंट्स में मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट करें।
यह काम बैंक के आधिकारिक ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या शाखा से किया जा सकता है। जानकारी बदलने के बाद जांच लें कि OTP और लेनदेन के मैसेज नए नंबर पर आ रहे हैं। इसके बाद क्रेडिट कार्ड और UPI ऐप में भी नंबर बदलें।
बैंक का नंबर बदलने के बाद कुछ UPI ऐप में नए नंबर को दोबारा सत्यापित करना पड़ सकता है।
#2
निवेश और बीमा में भी करें बदलाव
निवेश से जुड़े अकाउंट्स में भी नया नंबर अलग से अपडेट करें।
शेयर, म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट में दर्ज जानकारी जांचें और ब्रोकर, डिपॉजिटरी या फंड हाउस के जरिए बदलाव करें। बीमा पॉलिसी में भी मोबाइल नंबर और ईमेल बदलें, ताकि प्रीमियम, रिन्यू और क्लेम की जानकारी मिलती रहे।
एक से ज्यादा निवेश या बीमा अकाउंट हैं तो सभी रिकॉर्ड अलग-अलग जांचें, क्योंकि एक जगह बदलाव से बाकी अकाउंट आप नहीं बदलते।
#3
EPF, NPS और आधार में भी अपडेट करें
इसके बाद EPF, NPS, आयकर और आधार की जानकारी जांचें।
EPF और NPS अकाउंट में नया नंबर दर्ज होने से सेवाओं के लिए OTP मिलने में आसानी रहती है। आयकर की वेबसाइट पर प्रोफाइल में मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट किया जा सकता है।
आधार कार्ड में उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार नया नंबर दर्ज करें। पुराना सिम या ईमेल बंद करने से पहले अकाउंट में बदलाव पूरा कर लें और साल में जानकारी जांचते रहें।