सरकार का तेल कंपनियों को बड़ा झटका, डीजल और विमान ईंधन पर बढ़ाया निर्यात शुल्क
क्या है खबर?
मध्य-पूर्व में बढ़े तनाव के बीच केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने डीजल पर निर्यात शुल्क को 21.50 रुपये से बढ़ाकर 55.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। इसी तरह विमान ईंधन ATF पर निर्यात शुल्क को 29.50 रुपये से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर किया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, नई दरें तत्काल लागू होंगी। हालांकि, सरकार ने पेट्रोल पर निर्यात शुल्क को शून्य ही रखा है।
दर
क्या थीं पिछली दरें?
26 मार्च को सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया था। सरकार द्वारा डीजल पर निर्यात शुल्क में की गई 34 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का मकसद जारी संघर्ष के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही सरकार ने इस कदम से तेल कंपनियों की ओर से कमाए जा रहे अत्यधिक लाभ पर भी लगाम कसने का प्रयास किया है।
झटका
तेल कंपनियों को लगेगा बड़ा झटका
सरकार के इस फैसले से तेल कंपनियों के कारोबार पर असर हो सकता है और उनका व्यापार ज्यादा प्रभावित होगा, जो दूसरे देशों में रिफाइन डीजल और विमान ईंधन की सप्लाई करते हैं। वहीं पेट्रोल में किसी भी तरह का बदलाव नहीं होने से पेट्रोल का कारोबार प्रभावित नहीं होगा। पेट्रोल पर निर्यात शुल्क न बढ़ाने का अर्थ है कि रिफाइन कंपनियों के पास या घरेलू स्तर पर पेट्रोल का भरपूर स्टॉक मौजूद है।