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पेट्रोल-डीजल की थोक खरीद पर सरकार की पाबंदी, 90 दिन के लिए लागू हुआ आदेश
पेट्रोल-डीजल की थोक खरीद पर रोक

पेट्रोल-डीजल की थोक खरीद पर सरकार की पाबंदी, 90 दिन के लिए लागू हुआ आदेश

Jun 12, 2026
09:15 am

क्या है खबर?

ईंधन संकट के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक नया नोटिफिकेशन जारी किया है। मंत्रालय ने आदेश जारी कर औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीजल की थोक खरीद पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में ईंधन की मांग अचानक बढ़ने लगी थी, जिससे आम उपभोक्ताओं की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था। यह व्यवस्था शुरुआती 90 दिनों तक लागू रहेगी।

वजह

क्यों बढ़ी खरीदारी?

सरकार के अनुसार, रिटेल और थोक बिक्री की कीमतों में बड़ा अंतर इस समस्या की मुख्य वजह बना है। दिल्ली में पेट्रोल पंप पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बल्क बिक्री के लिए इसकी कीमत 134.50 रुपये प्रति लीटर है। इसी अंतर का फायदा उठाकर कई औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से ईंधन लेने लगे। सरकार का मानना है कि इससे आम लोगों के लिए उपलब्ध ईंधन की मात्रा प्रभावित हो सकती है।

खरीद सीमा

200 लीटर तक खरीद की सीमा तय

नए आदेश के तहत पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री केवल वाहन के फ्यूल टैंक या PESO से मंजूर कंटेनरों तक सीमित रहेगी। इसके अलावा, किसी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह खरीदा गया डीजल दोबारा बेचा नहीं जा सकेगा। संस्थागत और औद्योगिक उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के लिए अधिकृत बल्क सप्लाई प्वाइंट का उपयोग करना होगा।

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कार्रवाई

जमाखोरी और कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई

सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जमाखोरी, कालाबाजारी और बिना अनुमति ईंधन खरीदने जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की बराबर उपलब्धता बनाए रखना है। सरकार का मानना है कि इससे आम उपभोक्ताओं को ईंधन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपूर्ति व्यवस्था बिना किसी रुकावट के चलती रहेगी।

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