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पेट्रोल-डीजल में एक्साइज ड्यूटी कटौती से सरकार को 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान- रिपोर्ट
एक्साइज ड्यूटी कटौती से सरकार को नुकसान

पेट्रोल-डीजल में एक्साइज ड्यूटी कटौती से सरकार को 1 लाख करोड़ रुपये का नुकसान- रिपोर्ट

Mar 27, 2026
05:38 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है। इसका असर अब सरकारी खजाने पर भी दिखने की उम्मीद है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, एक सीनियर अधिकारी के बताया है कि इस फैसले से वित्त वर्ष 2027 में सरकार को टैक्स कमाई में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो सकता है। यह अनुमान पूरे साल के लिए लगाया गया है, अगर आगे ड्यूटी दरों में कोई और बदलाव नहीं होता है।

नई ड्यूटी

पेट्रोल-डीजल पर नई ड्यूटी दरें

सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये कर दी गई है। वहीं डीजल पर ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर पूरी तरह खत्म कर दी गई है। हालांकि, सरकार ने पेट्रोल और डीजल के एक्सपोर्ट पर टैक्स लगाया है। डीजल के एक्सपोर्ट पर 21.5 रुपये और जेट फ्यूल पर 29.5 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि देश में सप्लाई बनी रहे और बाजार स्थिर रहे।

अनुमान

रोजाना और सालाना नुकसान का अनुमान

अधिकारियों के मुताबिक, देश में रोजाना करीब 45 से 60 करोड़ लीटर पेट्रोल और डीजल की खपत होती है। ऐसे में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती से हर दिन लगभग 450 से 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। सालभर में यह आंकड़ा 1.6 लाख करोड़ से 1.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसमें डीजल का हिस्सा ज्यादा है, जबकि पेट्रोल का हिस्सा थोड़ा कम माना गया है, जिससे कुल नुकसान पर बड़ा असर पड़ेगा।

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फैसला

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह फैसला तेल कंपनियों के नुकसान को कम करने के लिए लिया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने से कंपनियों पर दबाव बढ़ गया था। सरकार ने रेवेन्यू में कमी का जोखिम उठाते हुए यह कदम उठाया है। इसके साथ ही, एक्सपोर्ट टैक्स लगाकर घरेलू बाजार में फ्यूल की उपलब्धता बनाए रखने की कोशिश भी की जा रही है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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