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क्या है 'डार्क पैटर्न', जिसकी वजह से इंडिगो-जेप्टो समेत 9 कंपनियों पर लगा जुर्माना?
डार्क पैटर्न पर सरकार की सख्ती

क्या है 'डार्क पैटर्न', जिसकी वजह से इंडिगो-जेप्टो समेत 9 कंपनियों पर लगा जुर्माना?

Aug 06, 2026
10:38 am

क्या है खबर?

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने इंडिगो, जेप्टो, फिजिक्स वाला, फर्स्टक्राई, स्पाइसजेट समेत 9 डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुर्माना लगाया है। इन कंपनियों पर ग्राहकों को भ्रमित करने वाले "डार्क पैटर्न" अपनाने का आरोप है। सरकार ने राज्यसभा में बताया कि यह कार्रवाई ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाने तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए की गई है। सभी कंपनियों को नियमों का पालन करने और उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

डार्क पैटर्न

क्या होते हैं डार्क पैटर्न?

डार्क पैटर्न ऐसे डिजिटल तरीके होते हैं, जिनसे ग्राहकों को बिना जानकारी के कोई फैसला लेने के लिए प्रभावित किया जाता है।

इनमें छिपे हुए शुल्क जोड़ना, बिना अनुमति सामान या सदस्यता जोड़ देना, झूठी जल्दबाजी दिखाना, गुमराह करने वाले संदेश और मुश्किल तरीके से सदस्यता बंद करना शामिल है।

सरकार ने ऐसे 13 तरह के डार्क पैटर्न की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए नियम बनाए हैं, ताकि ग्राहकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।

जुर्माना

इन कंपनियों पर लगा सबसे ज्यादा जुर्माना

CCPA ने जेप्टो पर 7 लाख रुपये और फिजिक्स वाला पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

जेप्टो पर खरीदारी के दौरान बाद में हैंडलिंग चार्ज और मेंबरशिप शुल्क जोड़ने का आरोप था। वहीं, फिजिक्स वाला पर पहले से चुने गए 10 रुपये के दान और मुफ्त कोर्स से पहले व्यक्तिगत जानकारी मांगने को लेकर कार्रवाई की गई।

दोनों कंपनियों ने बाद में अपने प्लेटफॉर्म में जरूरी बदलाव किए और नियमों का पालन करने का भरोसा दिया।

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कार्रवाई

अन्य कंपनियों पर भी हुई कार्रवाई

रेगुलेटर ने अनुज जिंदल पर 3 लाख रुपये, फर्स्टक्राई पर 2 लाख रुपये, जबकि फार्मईजी, मैकएफी और स्पाइसजेट पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

इंडिगो को अपने ऐप में ग्राहकों पर दबाव बनाने वाला संदेश बदलना पड़ा, जबकि बुकमाईशो को टिकट बुकिंग के दौरान पहले से जुड़ा 1 रुपये का दान हटाने का निर्देश दिया गया।

इन सभी मामलों में ग्राहकों को भ्रमित करने वाले तरीके अपनाने की शिकायतें लगातार सामने आई थीं।

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पारदर्शिता

ग्राहकों को मिलेगी ज्यादा पारदर्शिता

सरकार का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के साथ किसी भी तरह की भ्रामक या अनुचित डिजिटल प्रक्रिया बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

CCPA आगे भी ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

इसका उद्देश्य ऑनलाइन खरीदारी को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है, ताकि उपभोक्ता बिना किसी भ्रम के सही और सोच-समझकर फैसला ले सकें।

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