गूगल ने HCL टेक के अनुबंध में की कटौती, जानिए क्या है कारण
क्या है खबर?
गूगल ने HCL टेक के साथ अपने लंबे समय से चल रहे इंजीनियरिंग अनुबंध का एक हिस्सा कम कर दिया है, जिससे सालाना लगभग 5 करोड़ डॉलर (करीब 475 करोड़ रुपये) का काम कम हो गया है। यह कदम ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने के कारण उठाया गया है। इस कदम से IT कंपनी को कोई बड़ा आर्थिक नुकसान होने की उम्मीद नहीं है, जिसका सालाना राजस्व लगभग 14.7 अरब डॉलर (करीब 1,400 अरब रुपये) है।
कुल कीमत
कितनी थी पूरे अनुबंध की कीमत?
HCL टेक लगभग 10 सालों से गूगल के एप्लीकेशन डेवलपमेंट और इंजीनियरिंग के बड़े हिस्से को संभाल रही थी।
द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पहले इस प्रोजेक्ट की सालाना मूल्य लगभग 20 करोड़ डॉलर (करीब 1,900 करोड़ रुपये) थी, लेकिन गूगल ने अब इस काम का दायरा कम कर दिया है।
यह इसलिए अहम है क्योंकि इसमें बड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी अपने लंबे समय से चले आ रहे आउटसोर्सिंग पार्टनर के साथ काम का दायरा कम कर रही है।
छंटनी
क्या कटौती के कारण होगी छंटनी?
इस कटौती के सवाल खड़ा हो रहा है कि इसके बाद क्या HCL टेक में बड़े पैमाने पर छंटनी होगी?
रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल अकाउंट से जुड़े लगभग 1,000 कर्मचारियों को दूसरे प्रोजेक्ट्स में भेजे जाने की उम्मीद है क्योंकि कंपनी कम हुए काम के हिसाब से खुद को ढाल रही है।
वह इन कर्मचारियों को AI, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में फिर से तैनात करने पर ध्यान दे सकती है, जहां मांग अभी भी मजबूत है।