प्रधानमंत्री की अपील के बाद 13,000 रुपये से ज्यादा गिरे सोने के दाम
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारतीयों से सोना खरीदने को टालने की अपील के बाद से सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम 13,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट आई है। 10 मई को उन्होंने यह अपील की थी, तब 24-कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 28 जून तक यह कीमत गिरकर लगभग 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इस दौरान चांदी की कीमतों में भी इसी तरह की गिरावट देखी गई।
आर्थिक रणनीति
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के पीछे क्या था कारण?
प्रधानमंत्री मोदी की सोना-चांदी नहीं खरीदने की अपील पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और भारत के आयात बिल को लेकर चिंताओं के बीच आई। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे एक साल के लिए गैर-जरूरी सोना खरीदाना और विदेश भ्रमण टाल दें। मोदी ने कहा, "हमें किसी भी तरह विदेशी मुद्रा बचानी होगी।" उन्होंने तेल की ऊंची कीमतों और बाहरी अनिश्चितता के समय विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और रुपये को सहारा देने की जरूरत पर जोर दिया।
ड्यूटी में बढ़ोतरी
सरकार ने सोना-चांदी पर बढ़ाया आयात शुल्क
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद सरकार ने सोना-चांदी पर प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी। इस कदम का मकसद आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना था। सेन्को गोल्ड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुवंकर सेन ने मनीकंट्रोल को बताया कि इससे ग्राहकों की मांग पर काफी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोने का आयात 10-15 फीसदी तक कम हो सकता है।
बाजार के रुझान
सोने की मांग पर ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी का असर
सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट कीमती धातुओं में वैश्विक स्तर पर हुई बिकवाली के अनुरूप है। आयात को कम करने के लिए घरेलू नीतिगत उपायों ने भी कीमतों में गिरावट में योगदान दिया है। भारत सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं और आयातकों में से एक है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काफी हद तक विदेशी खरीद पर निर्भर है। अधिक आयात से डॉलर विदेशों में जाना बढ़ता है और व्यापार घाटा बढ़ सकता है।