मार्च में सोने की कीमतों में आई 12 प्रतिशत की बड़ी गिरावट, क्या रही वजह?
क्या है खबर?
सोना-चांदी की कीमतों में बीते कुछ समय से बड़ी बढ़त देखने को मिल रही थी, लेकिन मार्च में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, सोना करीब 12 प्रतिशत गिरकर 4,608 डॉलर प्रति औंस (1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) पर आ गया। यह जून, 2013 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। इसके बावजूद, इस साल के हिसाब से सोना अब भी कुल मिलाकर बढ़त में बना हुआ है।
बाजार
दुनियाभर में गिरावट, लेकिन एशिया में खरीदारी
मार्च के दौरान सोने की कीमतों में लगभग सभी बड़ी करेंसी में गिरावट दर्ज की गई। ग्लोबल गोल्ड ETF से करीब 12 अरब डॉलर (लगभग 1,100 अरब रुपये) यानी 84 टन सोना बाहर निकला। इसमें सबसे ज्यादा बिकवाली नॉर्थ अमेरिका में 14 अरब डॉलर (लगभग 1,300 अरब रुपये) की रही। वहीं यूरोप में हल्की गिरावट देखी गई। इसके उलट एशिया में लगभग 180 अरब रुपये का निवेश आया, जिससे पता चलता है कि कम कीमतों पर खरीदारी बढ़ी है।
बिकवाली
बिकवाली और पोजीशन घटने से दबाव
रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में बिकवाली बढ़ने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है। दुनिया के अग्रणी धातु डेरिवेटिव एक्सचेंज COMEX के आंकड़ों के मुताबिक, रिटेल निवेशकों की पोजीशन में 18 टन और बड़े निवेशकों की पोजीशन में 22 टन की कमी आई। कई बड़े ट्रेडर्स ने सोने के 50-55 दिन के औसत स्तर से नीचे जाने के बाद तेजी से बिकवाली की है। इससे बाजार में एक साथ बड़ी सेलिंग शुरू हुई और कीमतों में गिरावट तेज हो गई।
अन्य
ग्लोबल कारणों ने भी गिरावट बढ़ाई
सोने की कीमत गिरने के पीछे ग्लोबल वजहें भी रही हैं। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने में निवेश कम हुआ, क्योंकि इसमें ब्याज नहीं मिलता। इसके अलावा, तुर्किये के सेंट्रल बैंक ने करीब 50 टन सोने को इस्तेमाल किया, जिससे बाजार में बेचने की आशंका बढ़ी। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि एशिया में मांग अभी भी मजबूत है और कम कीमतों पर खरीदारी जारी रह सकती है।