GDP में वित्त वर्ष 2025-26 में 7.4 फीसदी की वृद्धि का अनुमान, सरकार ने जताई संभावना
क्या है खबर?
भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में वित्त वर्ष 2025-26 में टैरिफ वार जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 7.4 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की 6.5 फीसदी वृद्धि से अधिक है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, स्थिर कीमतों (2011-12 आधार) पर GDP वित्त वर्ष 2026 में 201.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। दूसरी तरफ वित्त वर्ष 2025 में यह 187.97 लाख करोड़ रुपये का अनंतिम अनुमान था।
अनुमान
बजट में इन कारकों का पड़ेगा प्रभाव
वित्त वर्ष 2026 के बजट में रणनीतिक आयकर कटौती, GST का युक्तिकरण और ओमान, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ 3 महत्वपूर्ण विदेशी व्यापार समझौतों सहित प्रमुख घरेलू सुधार आर्थिक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेंगे। सामान्य GDP या वर्तमान कीमतों पर GDP का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में यह 357.14 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच जाएगा। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 330.68 लाख करोड़ रुपये था, जो 8.0 फीसदी की वृद्धि दर दर्शाता है।
RBI
RBI ने लगाया था यह अनुमान
भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर में आयोजित अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में वित्त वर्ष 2026 के लिए GDP वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाना निर्धारित है। GDP का अनुमान जारी होने के बाद सरकार अगले वर्ष के लिए वृद्धि का अनुमान लगाती है। इससे यह निर्धारित होता है कि राजकोषीय घाटा कितना संभव है और करों में कितनी वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है।