गलत ITR फॉर्म भर दिया? जानिए अब कैसे सुधारें अपनी गलती
क्या है खबर?
इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय सही ITR फॉर्म चुनना सबसे जरूरी कदमों में से एक है। अगर गलती से गलत फॉर्म भर दिया जाए तो रिटर्न को दोषपूर्ण या अमान्य माना जा सकता है। इससे रिफंड मिलने में देरी हो सकती है और आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी आ सकता है। इसलिए जानकार सलाह देते हैं कि गलती का पता चलते ही उसे तुरंत सुधार लेना चाहिए और इंतजार नहीं करना चाहिए।
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गलत फॉर्म भरने पर ऐसे करें सुधार
अगर आपने गलती से गलत ITR फॉर्म जमा कर दिया है, तो ज्यादातर मामलों में संशोधित रिटर्न यानी रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करके इसे ठीक किया जा सकता है। यह सुविधा उन लोगों के लिए है जिनका मूल रिटर्न सफलतापूर्वक दाखिल और सत्यापित हो चुका है। संशोधित रिटर्न भरने के बाद वही अंतिम रिटर्न माना जाता है। इसलिए सही जानकारी के साथ नया फॉर्म भरकर गलती आसानी से सुधारी जा सकती है।
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रिवाइज्ड रिटर्न कब तक और कितनी बार भर सकते हैं
आयकर नियमों के अनुसार, तय समय सीमा के भीतर जरूरत पड़ने पर रिवाइज्ड रिटर्न एक से ज्यादा बार भी दाखिल किया जा सकता है। हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सभी गलतियों को एक साथ ठीक करके केवल एक संशोधित रिटर्न भरना बेहतर रहता है। मौजूदा नियमों के अनुसार आकलन वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित रिटर्न 31 मार्च, 2027 तक दाखिल किया जा सकता है, लेकिन 31 दिसंबर के बाद शुल्क देना पड़ सकता है।
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गलती नहीं सुधारी तो हो सकता है नुकसान
अगर गलत ITR फॉर्म भरने के बाद उसे समय रहते ठीक नहीं किया जाता, तो रिटर्न अमान्य घोषित हो सकता है। ऐसी स्थिति में टैक्स रिफंड अटक सकता है, नोटिस मिल सकता है और ब्याज या जुर्माना भी देना पड़ सकता है। कुछ मामलों में नुकसान आगे ले जाने जैसी टैक्स सुविधाएं भी खत्म हो सकती हैं। इसलिए गलती सामने आते ही जल्द संशोधित रिटर्न दाखिल करना सबसे सुरक्षित और सही कदम माना जाता है।