EPFO ने नाम और लिंग बदलने के लिए ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र को दी मंजूरी
क्या है खबर?
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने नियमों में एक अहम बदलाव किया है। अब ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए जारी पहचान प्रमाण पत्र को EPF रिकॉर्ड में नाम और लिंग बदलने के लिए सही दस्तावेज माना जाएगा। यह पहचान पत्र नेशनल पोर्टल फॉर ट्रांसजेंडर पर्सन्स से जारी होता है। इस फैसले से जानकारी सुधारने की प्रक्रिया आसान होगी। यह नियम देशभर के सभी EPFO दफ्तरों में लागू कर दिया गया है।
डिजिलॉकर
डिजिलॉकर से कागज जमा करना होगा आसान
इस बदलाव से EPFO सदस्यों को अपनी निजी जानकारी ठीक कराने में सुविधा मिलेगी। सदस्य डिजिलॉकर के जरिए जरूरी कागज ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। जहां ऑनलाइन सुविधा नहीं है, वहां पीडीएफ फाइल के रूप में दस्तावेज दिए जा सकते हैं। डिजिलॉकर से आवेदन करने पर आमतौर पर दो सहायक कागज देने होते हैं। इससे जांच जल्दी होगी और काम में देरी कम होगी। पूरी प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा साफ और आसान हो जाएगी।
भूमिका
जांच प्रक्रिया और नियोक्ता की भूमिका साफ
EPFO ने बताया है कि अगर कोई सदस्य खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाता, तो नियोक्ता उसकी ओर से यह काम कर सकता है। यह सुविधा दिवंगत सदस्य के मामलों में भी लागू होगी। पहचान की पुष्टि के लिए पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर ID, जन्म प्रमाण पत्र और विवाह प्रमाण पत्र जैसे कागज मान्य होंगे। अब ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र को भी इसमें शामिल किया गया है, जिससे नियम सभी के लिए बराबर और स्पष्ट हो गए हैं।
फायदा
कर्मचारियों को क्या मिलेगा फायदा
इस फैसले से ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को EPF रिकॉर्ड सही कराने में आसानी होगी। सही जानकारी होने से पेंशन, रिटायरमेंट की बचत और पैसा निकालने जैसी सुविधाएं बिना परेशानी मिल सकेंगी। EPFO का यह कदम सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करता है। कम कागजी काम में रिकॉर्ड अपडेट हो सकेंगे। संगठन का उद्देश्य है कि हर कर्मचारी को बराबर सुविधा मिले और भविष्य में किसी को अधिकारों के लिए भटकना न पड़े।