अभी परीक्षण के दौर में है E20 पेट्रोल, अगले साल तक सामने आएंगे नतीजे- केंद्र सरकार
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने आज (30 जून) सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का कार्यक्रम अभी परीक्षण के चरण में है। सरकार का कहना है कि इस योजना के प्रभाव और परिणाम अगले साल तक अधिक स्पष्ट हो जाएंगे। यह जानकारी उस समय दी गई, जब इथेनॉल मिश्रण नीति को लेकर अदालत में सुनवाई चल रही थी। सरकार लगातार इसे ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
मामला
क्या है मामला?
यह मामला भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की याचिका से जुड़ा है, जिसमें कर्नाटक हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई है। कंपनी का कहना है कि इस आदेश से पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने की राष्ट्रीय नीति प्रभावित हो सकती है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि कंपनी ने पहले हाई कोर्ट की बड़ी पीठ में अपील क्यों नहीं की। सरकार ने कहा कि इससे राष्ट्रीय स्तर की नीति पर असर पड़ सकता है।
तर्क
सरकार ने योजना को बताया सुरक्षित
सुनवाई के बाद अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का फैसला सरकार की नीति का हिस्सा है और इसमें बदलाव की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कंपनियों को कितना इथेनॉल मिलेगा, यह मांग और उपलब्धता पर निर्भर करेगा। सरकार ने यह भी दोहराया कि E20 ईंधन सुरक्षित, उपभोक्ता हितैषी और आर्थिक रूप से लाभदायक है तथा इससे वाहन बीमा पर कोई असर नहीं पड़ता है।
लक्ष्य
2030 तक 30 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य
सरकार ने पिछले वर्ष तय समय से पहले 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया था और अब पूरे देश में E20 पेट्रोल की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। सरकार का अगला लक्ष्य वर्ष 2030 तक पेट्रोल में इथेनॉल की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक बढ़ाना है। सरकार का दावा है कि इस कार्यक्रम से कच्चे तेल का आयात घटा है, विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलने में भी मदद मिली है।