किसी लोन का गारंटर बनने पर क्या क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है असर?
क्या है खबर?
किसी दोस्त, रिश्तेदार या सहकर्मी की आर्थिक मदद के लिए उसके लोन का गारंटर बनना आसान फैसला लग सकता है। हालांकि, गारंटर बनना सिर्फ एक कागज पर हस्ताक्षर करना नहीं है, बल्कि इससे बड़ी वित्तीय जिम्मेदारी जुड़ जाती है। अगर मुख्य लोन लेने वाला समय पर किस्त नहीं चुका पाता, तो गारंटर को लोन चुकाने की जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। इसलिए भरोसे के साथ अपनी आर्थिक स्थिति और लोन की शर्तों को भी समझना जरूरी है।
#1
क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है असर
लोन गारंटर बनने का असर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर भी पड़ सकता है।
अगर मुख्य लोन लेने वाला समय पर किस्तें चुकाता रहता है, तो आमतौर पर समस्या नहीं होती। हालांकि, भुगतान में देरी या लोन डिफॉल्ट होने पर गारंटर की क्रेडिट हिस्ट्री प्रभावित हो सकती है।
इसका असर भविष्य में नया लोन लेने की पात्रता पर पड़ सकता है। इसलिए गारंटर बनने से पहले लोन लेने वाले की भुगतान क्षमता को अच्छी तरह समझना जरूरी है।
#2
भविष्य में लोन लेना हो सकता है मुश्किल
गारंटर बनने के बाद आपकी उधार लेने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
बैंक या वित्तीय संस्थान आपकी क्रेडिट रिपोर्ट और मौजूदा वित्तीय जिम्मेदारियों को देखते हैं। गारंटी वाला लोन आपकी कुल देनदारी में दिखाई दे सकता है, जिससे नया लोन लेते समय आपकी पात्रता कम हो सकती है।
कुछ मामलों में लोन की राशि या मिलने वाली शर्तें भी प्रभावित हो सकती हैं। अगर मुख्य उधारकर्ता भुगतान रोक देता है, तो वित्तीय दबाव और बढ़ सकता है।
#3
साइन करने से पहले इन बातों को जांचें
गारंटर बनने से पहले लोन की पूरी शर्तें, किस्तों का समय और डिफॉल्ट होने की स्थिति में अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
सिर्फ रिश्ते या भरोसे के आधार पर ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए। खुद से यह सवाल पूछना जरूरी है कि अगर मुख्य लोन लेने वाला भुगतान बंद कर दे, तो क्या आप लोन चुका सकते हैं।
अगर जवाब नहीं है, तो गारंटर बनने से बचना चाहिए। आपकी मदद जरूरी है, लेकिन अपनी वित्तीय स्थिरता खतरे में नहीं डालनी चाहिए।