रोज करते हैं UPI से भुगतान? इन बातों का रखें ध्यान, सुरक्षित रहेगा पैसा
क्या है खबर?
UPI आज भारत में रोजमर्रा के भुगतान का बड़ा जरिया बन चुका है। जून, 2026 तक देश में इसके 55 करोड़ से ज्यादा यूजर्स होने की बात कही गई है। इतनी ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सुविधा के साथ छोटी गलती परेशानी बढ़ा सकती है। गलत UPI ID, नकली QR कोड या अचानक आई कलेक्ट रिक्वेस्ट से पैसे फंस सकते हैं। इसलिए भुगतान करते समय जरूरी सावधानियां रखना जरूरी है, ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे और ठगी से बचा जा सके।
#1
पैसे पाने के लिए PIN न डालें
UPI से पैसे पाने के लिए कभी भी अपना PIN न डालें।
UPI PIN का इस्तेमाल आपके खाते से भुगतान को मंजूरी देने के लिए होता है। अगर कोई रिफंड, इनाम या पैसे मिलने के नाम पर PIN डालने को कहे, तो ट्रांजैक्शन रोक दें। इसी तरह पैसे पाने के लिए किसी QR कोड को स्कैन न करें।
QR कोड स्कैन करके PIN डालने पर आप सामने वाले को भुगतान कर सकते हैं। इसलिए सावधानी से काम लें।
#2
भुगतान से पहले नाम जरूर जांचें
पैसे भेजने से पहले UPI ऐप पर सामने वाले का नाम जरूर जांच लें।
यह सावधानी खासकर नए व्यक्ति या किसी दुकान के QR कोड पर भुगतान करते समय जरूरी है। नाम सही लगे तभी आगे बढ़ें और रकम भी दोबारा देख लें।
UPI भुगतान आमतौर पर तुरंत पूरा हो जाता है, इसलिए गलती होने पर उसे रोकना मुश्किल होता है। अपना UPI PIN, OTP, पासवर्ड या बैंक की दूसरी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
#3
पेमेंट फेल हो तो दोबारा न भेजें
अगर UPI भुगतान फेल हो जाए, तो घबराकर तुरंत दोबारा पैसे न भेजें।
पहले ऐप में ट्रांजैक्शन का स्टेटस देखें, खासकर जब खाते से रकम कट चुकी हो। तकनीकी या नेटवर्क समस्या के कारण भुगतान अटक सकता है। बड़ी रकम भेजते समय अपने बैंक और संबंधित कैटेगरी की लागू लिमिट भी जांच लें।
सामान्य UPI भुगतान की सीमा अक्सर एक लाख रुपये तक होती है, जबकि कुछ सेवाओं में इससे ज्यादा सीमा लागू हो सकती है।