एयर इंडिया फुकेट फ्लाइट घटना के बाद DGCA सख्त, सभी पायलटों का होगा ड्रग टेस्ट
क्या है खबर?
हवाई सफर की सुरक्षा को लेकर भारत में पायलटों की ड्रग टेस्टिंग पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन कंपनियों को अगले साल जुलाई तक सभी पायलटों का कम से कम एक बार ड्रग टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। यह कदम हाल में फ्लाइट क्रू के नशे से जुड़े मामलों के बाद उठाया गया है। सभी एयरलाइंस में इस तरह की टेस्टिंग पहले से शुरू हो चुकी है और प्रक्रिया जारी है।
हड़कंप
एयर इंडिया की फ्लाइट में मचे हड़कंप
पायलटों की टेस्टिंग को लेकर यह सख्ती एयर इंडिया के एक एयरबस A320 विमान में हुई घटना के बाद सामने आई है।
यह विमान 4 अगस्त को फुकेट से भारत आ रहा था, तभी उड़ान के दौरान विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में अचानक खराबी आ गई। इसके बाद ऑटोपायलट अलग हो गया और विमान में कुछ समय के लिए बेहद तेज झटकों जैसे हालात पैदा हुए।
इस घटना ने उड़ान सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी।
टेस्ट
लैंडिंग के बाद कैप्टन का टेस्ट पॉजिटिव
फुकेट से भारत पहुंचने के बाद एयर इंडिया विमान के कैप्टन का गैरकानूनी ड्रग्स के लिए किया गया टेस्ट पॉजिटिव आया था।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की रिपोर्ट में पायलट के ड्रग्स इस्तेमाल को गंभीर चिंता बताया गया। रिपोर्ट में DGCA से उचित कार्रवाई करने को कहा गया।
घटना के बाद एयर इंडिया ने भी अपने सभी पायलटों की एक बार ड्रग टेस्टिंग कराने की घोषणा की। अब DGCA मौजूदा नियमों को और मजबूत करने पर काम कर रहा है।
नियम
सितंबर में तय होंगे नए नियम
सिविल एविएशन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने बताया कि पायलटों के लिए बदले हुए ड्रग टेस्ट नियमों का ड्राफ्ट सितंबर के आखिर तक तय हो जाएगा।
प्रस्तावित नियमों में पायलटों के साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन की जांच के लिए ज्यादा सख्त व्यवस्था बनाई जा सकती है। DGCA एयरलाइंस के साथ मिलकर मौजूदा नियमों में बदलाव पर काम कर रहा है।
नए नियमों का उद्देश्य पूरी एयरलाइन इंडस्ट्री में ड्रग टेस्टिंग को ज्यादा व्यापक और प्रभावी बनाना है।