डाटा सेंटर में बढ़ोतरी के कारण 2030 तक बदलेगी नौकरी और रियल एस्टेट की तस्वीर
बिज़नेस
भारत में डाटा सेंटर का बूम आने वाला है, जिससे 2030 तक 4.33 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी और 19.5 करोड़ वर्ग फीट घरों की मांग पैदा करेग। एक नई रिपोर्ट ने इसे 'डोनट इफेक्ट' नाम दिया है।
इसके मुताबिक, जैसे-जैसे डाटा सेंटर बढ़ेंगे, शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। साथ ही घरों की मांग में भी जबरदस्त उछाल आएगा।
महाराष्ट्र में होगी सबसे ज्यादा नए घरों की जरूरत
रिपोर्ट बताती है कि महाराष्ट्र को सबसे ज्यादा नए घरों की जरूरत होगी, जो 5.4 करोड़ वर्ग फीट से भी ज्यादा होगी।
इसके बाद कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु का नंबर आता है।
रिपोर्ट यह भी कहती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड टेक्नोलॉजी में होने वाला निवेश इस सेक्टर को सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों में भी तेजी से आगे बढ़ाएगा।