अमेरिका-ईरान तनाव: होर्मुज संकट से बढ़े कच्चे तेल के दाम
बुधवार (12 अगस्त) को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में उछाल आया है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया, जिससे शांति की उम्मीदें कम होती दिख रही हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब में जहाजों पर हुए हमलों से बाजारों में चिंता बढ़ गई है, जिसके चलते ब्रेंट क्रूड 89.63 डॉलर (करीब 8,500 रुपये) प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 83.91 डॉलर (करीब 7,900 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
अमेरिका के तेल के भंडार में हुई बढ़ोतरी
ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका उसकी मांगें पूरी नहीं करता, वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है। इस बात से डर और बढ़ गया है क्योंकि इस जरूरी समुद्री मार्ग से रोजाना भारी मात्रा में तेल की आवाजाही होती है।
दूसरी तरफ, अमेरिका के कच्चे तेल के भंडार में अचानक 91 लाख बैरल की बढ़ोतरी से कुछ समय के लिए चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं।
हालांकि, अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA)ने कहा है कि मध्य पूर्व के कच्चे तेल की आपूर्ति में लगभग 6 लाख बैरल प्रतिदिन की रुकावट 2027 के अंत तक बनी रह सकती है। ऐसे में आपूर्ति से जुड़ा यह खतरा फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है।