ईरान-अमेरिका टकराव से महंगा हुआ कच्चा तेल, ब्रेंट 90 डॉलर के पार
क्या है खबर?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार (20 जुलाई) को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 90.79 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.65 प्रतिशत चढ़कर 84.68 डॉलर प्रति बैरल हो गया। पिछले सप्ताह भी दोनों प्रमुख तेल बेंचमार्क में करीब 15 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में निवेशकों की चिंता और अनिश्चितता लगातार बढ़ती जा रही है।
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अमेरिका-ईरान टकराव बना बड़ी वजह
तेल की कीमतों में उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव माना जा रहा है।
ईरान ने कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्षविराम प्रभावी नहीं रहा है। वहीं अमेरिका लगातार ईरान में सैन्य कार्रवाई कर रहा है।
इन घटनाओं के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे दुनिया के कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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समुद्री मार्ग पर बढ़ी चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात भी लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ईरान ने कुछ जहाजों को रोके जाने की जानकारी दी है, जबकि एक जहाज में आग लगने की भी सूचना सामने आई है। इसके अलावा यमन के हूती विद्रोहियों ने भी क्षेत्र में हमलों की धमकी दी है।
इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल परिवहन पर दबाव बढ़ गया है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका भी लगातार बढ़ती जा रही है।
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आपूर्ति पर संकट का बढ़ा खतरा
अगर मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है तो दुनियाभर में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
कई देशों में पहले से ही तेल का भंडार सीमित स्तर पर बताया जा रहा है। ऐसे में आपूर्ति में थोड़ी भी रुकावट आने पर कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
इसी कारण वैश्विक बाजार की नजर अब आने वाले घटनाक्रम और हालात पर टिकी है, क्योंकि हालात सामान्य होने के कोई संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं।