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मध्य पूर्व में बढ़े तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत तक उछाल
मिडिल ईस्ट तनाव से फिर उछले कच्चे तेल के दाम

मध्य पूर्व में बढ़े तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत तक उछाल

Jun 08, 2026
09:19 am

क्या है खबर?

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेज बढ़त दर्ज की गई। इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष दोबारा बढ़ने से वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है। निवेशकों को उम्मीद थी कि क्षेत्र में हालात सामान्य होंगे, लेकिन नए हमलों ने अनिश्चितता बढ़ा दी। इसके असर से तेल बाजार में खरीदारी बढ़ी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी के साथ ऊपर चली गईं।

कीमत

ब्रेंट और अमेरिकी क्रूड दोनों हुए महंगे

बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर साफ दिखाई दिया। अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 94 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गए। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत भी करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गई। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक संभावित आपूर्ति बाधाओं को लेकर चिंतित हैं। यही वजह है कि बाजार में तेल खरीदने की गतिविधियां बढ़ीं और कीमतों में एक बार फिर मजबूत उछाल देखने को मिला।

चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता

तेल बाजार की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य पर बनी हुई है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। पहले उम्मीद की जा रही थी कि क्षेत्र में तनाव कम होने के बाद यहां से तेल की आवाजाही सामान्य हो जाएगी। हालांकि, ताजा घटनाक्रम के बाद यह संभावना कमजोर पड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।

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उत्पादन

OPEC ने बढ़ाया उत्पादन

इस बीच OPEC देशों ने जुलाई के लिए तेल उत्पादन कोटा में प्रतिदिन 1.88 लाख बैरल की अतिरिक्त बढ़ोतरी पर सहमति जताई है। आमतौर पर उत्पादन बढ़ने से कीमतों पर दबाव कम पड़ता है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक हालात ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। निवेशक अब क्षेत्रीय घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जानकारों का कहना है कि अगर संघर्ष जारी रहता है तो तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और अधिक बढ़ सकता है।

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