अमेरिका-ईरान तनाव थमते ही कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत की गिरावट
क्या है खबर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार (27 जुलाई) को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड 5.05 प्रतिशत गिरकर 91.89 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 5.23 प्रतिशत टूटकर 84.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच नए हमले फिलहाल रुकने से तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसी कारण निवेशकों का भरोसा लौटा और तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है।
असर
शांति की उम्मीद से बाजार पर पड़ा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, सैन्य कार्रवाई रुकने से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति सामान्य रहने की उम्मीद बढ़ी है।
इसी वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना और पिछले कई सप्ताह की तेजी के बाद गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों का मानना है कि अगर हालात शांत रहे तो तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा भी काफी कम हो सकता है और बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
तनाव
पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है तनाव
हालात पहले से बेहतर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब से जुड़ी कुछ ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने का दावा किया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इस बीच ब्रेंट क्रूड इस महीने अब भी 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़त पर बना हुआ है।
इसलिए बाजार अभी भी हर नए घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
अन्य
आगे की घटनाओं पर रहेगी बाजार की नजर
बाजार की नजर अब अमेरिका और ईरान के बीच आगे होने वाली बातचीत, वैश्विक तेल आपूर्ति और 28-29 जुलाई को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी हुई है।
इसके अलावा, रूस से तेल निर्यात और अन्य अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम भी कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
आने वाले दिनों में हालात के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी संभावना बनी हुई है और निवेशक हर नई जानकारी पर नजर रखेंगे।