कच्चे तेल की कीमत हुई 108 डॉलर के पार, अब सोना-चांदी पर क्या होगा असर?
क्या है खबर?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि WTI 103-104 डॉलर के आसपास रहा। इस तेजी का असर सिर्फ महंगाई और इंपोर्ट बिल पर नहीं, बल्कि सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब यह समझने पर है कि महंगा तेल कीमती धातुओं को किस दिशा में ले जाएगा।
सोना
सोने को मिल सकता है सहारा
महंगे तेल के बीच सोने को कुछ फायदा मिल सकता है।
वैश्विक तनाव बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश मानकर इसकी तरफ रुख करते हैं। साथ ही तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई का खतरा बढ़ता है, जिससे सोना महंगाई से बचाव के विकल्प के तौर पर आकर्षक हो सकता है।
हालांकि, अगर तेल लंबे समय तक महंगा रहता है और महंगाई बढ़ती है, तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद घट सकती है।
चांदी
चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव संभव
तेल की बढ़ती कीमतों का असर चांदी पर ज्यादा अस्थिर हो सकता है।
चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में मांग मिलने से फायदा होता है, लेकिन इसका इस्तेमाल उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है। अगर महंगा तेल वैश्विक अर्थव्यवस्था और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को कमजोर करता है, तो चांदी की मांग घट सकती है।
इसलिए चांदी में तेजी और गिरावट दोनों ज्यादा तेज हो सकती हैं। हाल में चांदी में बड़ी गिरावट भी देखने को मिली है।
नजर
आगे इन चीजों पर रहेगी नजर
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा तय करने में सिर्फ क्रूड की कीमतें ही अहम नहीं होंगी।
निवेशकों को अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों की उम्मीद और मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम पर भी नजर रखनी होगी। फिलहाल सोना करीब 4,300-4,500 डॉलर और चांदी 63-68 डॉलर की रेंज में रहने की स्थिति में है।
जानकारों का मानना है कि तेज बढ़त के बाद निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना चाहिए।