अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चा तेल 100 डॉलर के पार, हूती हमलों से बढ़ी चिंता
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और सऊदी अरब में हूती हमलों के कारण बुधवार (9 सितंबर) को कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। ब्रेंट क्रूड 2.2 प्रतिशत बढ़कर करीब 100.07 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी WTI 94.73 डॉलर पर पहुंचा। यह जुलाई के बाद पहली बार है जब ब्रेंट 100 डॉलर के ऊपर गया है। मध्य-पूर्व में लगातार हमलों से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की चिंता बढ़ी है।
तनाव
अमेरिका-ईरान के बीच फिर बढ़ा तनाव
तेल महंगा होने की बड़ी वजह अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव है।
ईरान की ओर से अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश के बाद अमेरिका ने पांच ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया। इनमें चार टैंकर ओमान की खाड़ी और एक खार्ग द्वीप के पास था।
इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। दोनों देशों के बीच संघर्ष छह महीने से ज्यादा समय से जारी है और फिलहाल तनाव कम होने के संकेत नहीं हैं।
चिंता
सऊदी अरब में हूती हमलों ने बढ़ाई चिंता
ईरान समर्थित हूती समूह के सऊदी अरब में तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हमलों ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
मंगलवार को हुए हमलों में सऊदी अधिकारियों के अनुसार 73 लोग घायल हुए और कुछ ऊर्जा सुविधाओं में आग लगने के बाद काम कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
हूती समूह लाल सागर में तेल टैंकरों को भी निशाना बना रहा है। इससे तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
होर्मुज स्ट्रेट
होर्मुज स्ट्रेट पर भी दुनिया की नजर
तेल बाजार के लिए होर्मुज स्ट्रेट सबसे अहम रास्तों में से एक है।
युद्ध से पहले इस रास्ते से रोजाना करीब 80 से 90 लाख बैरल तेल गुजरता था, लेकिन हाल में यह प्रवाह 20 लाख बैरल प्रतिदिन से नीचे आ गया है।
दुनिया के करीब पांचवें हिस्से के तेल की आवाजाही इस रास्ते से जुड़ी है। ऐसे में संघर्ष लंबा खिंचने पर सप्लाई और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।