भारत में अब लंबे समय की EMI पर बिक रहे ज्यादातर स्मार्टफोन
स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से अब ज्यादा से ज्यादा भारतीय फोन खरीदने के लिए लंबी अवधि की EMI योजनाएं चुन रहे हैं।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के स्मार्टफोन फाइनेंसिंग ट्रैकर के 2026 की दूसरी तिमाही के ताजा आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
औसतन लोग अपने फोन को अपग्रेड करने के लिए 10 महीने की फाइनेंसिंग ले रहे हैं और यह काम मुख्य रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के जरिए हो रहा है।
आईफोन खरीदार ले रहे 17 महीने से ऊपर की EMI
टियर-II शहरों में EMI का इस्तेमाल सबसे ज्यादा 57.5 फीसदी देखा गया है, जबकि टियर-III शहरों में यह 55 फीसदी है। यह महानगरों के 41 फीसदी के मुकाबले काफी ज्यादा है।
ब्रांड्स की बात करें तो ऐपल यूजर्स सबसे लंबी EMI लेते हैं, जो करीब 17.2 महीने की होती है। इसके बाद 11.4 महीने के साथ सैमसंग का नंबर आता है।
शाओमी और ऐपल जैसे ब्रांड्स भी नो-कॉस्ट EMI जैसे पेमेंट विकल्पों को पेश कर रहे हैं, जिससे लोगों के लिए अपनी जेब पर बिना ज्यादा बोझ डाले नया फोन खरीदना आसान हो गया है। अगर, यह ट्रेंड ऐसे ही चलता रहा तो इस साल के अंत तक भारत में बिकने वाले कुल स्मार्टफोन में से 42 फीसदी EMI पर हो सकते हैं।