वाणिज्य मंत्रालय AI से अप्रभावित व्यवसायों की कर रहा पहचान- पीयूष गोयल
क्या है खबर?
वाणिज्य मंत्रालय ऐसे पेशों की पहचान कर रहा है, जिन पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का असर कम होगा। इसका मकसद तेजी से बदलते तकनीकी माहौल के लिए तैयार रहना और भारत के लिए ऐसे मौके तलाशना है, जिनकी मदद से देश वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर सके। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि ध्यान उन क्षेत्रों पर होगा, जहां AI इंसानी कामगारों को हटाए बिना कार्यक्षमता में सुधार कर सकता है।
संबोधन
मंत्री ने जर्मनी में दिया संबोधन
जर्मनी में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी शोधकर्ताओं और छात्रों को संबोधित करते हुए वाणिज्य मंत्री ने कहा, "मैंने अपने मंत्रालय से उन पेशों की पहचान करने पर काम शुरू करने को कहा है, जिन पर AI का असर नहीं पड़ेगा।"
उन्होंने आगे कहा, "आखिरकार, एक राष्ट्र के रूप में हमें करोड़ों लोगों के लिए योजना बनानी है। ऐसे कौन-से क्षेत्र हैं, जहां AI कार्यक्षमता को तो बढ़ा सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि वह इंसानी श्रम की जगह ले ले?"
क्षेत्र
इन क्षेत्रों पर नहीं पड़ेगा असर
इस पहल के उद्देश्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भारत अपने पास मौजूद कुशल प्रतिभाओं और युवा आबादी के दम पर हस्तशिल्प, हथकरघा, पाक कला और पर्यटन जैसे कई क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व कर सकता है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पारंपरिक कौशल और मानवीय रचनात्मकता का महत्व आज भी बना हुआ है।
इन क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां भी जरूरत होगी, वहां मदद दी जाएगी।