भारत में AI बाजार करीब 46,000 अरब रुपये पहुंचने की उम्मीद
एक नई रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में भारत अपनी पहचान बना रहा है। खासकर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कुशल वर्कफोर्स और एनर्जी सिक्योरिटी जैसे अहम मामलों में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कोलिअर्स की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाले कुछ दशकों में APAC दुनिया की कुल आर्थिक तरक्की में करीब 60 फीसदी का योगदान दे सकता है।
भारत का मौजूदा 9 अरब डॉलर (करीब 800 अरब रुपये) से ज्यादा आकलन वाला AI बाजार आगे चलकर 500 अरब डॉलर (करीब 46,000 अरब रुपये) से भी ऊपर पहुंचने का अंदाजा है। इस बदलाव की अगुवाई बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे टेक टैलेंट हब्स कर रहे हैं।
ऊर्जा दक्षता के लिए पुरानी इमारतों को ठीक करने मौका
भारत का पर्यावरण के अनुकूलता पर बढ़ता जोर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। देश में मौजूद बेहतरीन ऑफिस स्पेसेज में से लगभग दो-तिहाई 'ग्रीन सर्टिफाइड' हैं।
इसके अलावा, पुरानी ऑफिस बिल्डिंग्स की ऊर्जा दक्षता सुधारने के लिए भी एक बड़ा अवसर है।
हर साल लाखों स्टेम ग्रेजुएट्स वर्कफोर्स का हिस्सा बन रहे हैं और यहां की औसत उम्र सिर्फ 29 साल है। इन्हीं सब कारणों से भारत तेजी से दुनिया के लिए टैलेंट का एक बड़ा हॉटस्पॉट बन रहा है।