Loading...
भारत में बढ़ा स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल, कोयला बिजली उत्पादन में नहीं हुई बढ़ोतरी
भारत में बढ़ा स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल

भारत में बढ़ा स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल, कोयला बिजली उत्पादन में नहीं हुई बढ़ोतरी

Sep 17, 2026
05:14 pm

क्या है खबर?

भारत में साफ ऊर्जा के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली क्षेत्र में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन नियंत्रित रहा है। कार्बन ब्रीफ के लिए सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के विश्लेषण के अनुसार, 2024 की पहली छमाही से 2026 की पहली छमाही तक कोयले से बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी नहीं हुई। यह 50 साल से ज्यादा समय में पहली बार है, जब दो साल की अवधि में कोयला बिजली उत्पादन पूरी तरह स्थिर रहा है।

मांग

बढ़ती बिजली मांग पूरी करने में साफ ऊर्जा आगे

विश्लेषण में बताया गया कि इस दौरान देश की कुल बिजली मांग 7 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन इसकी जरूरत मुख्य रूप से साफ ऊर्जा से पूरी हुई।

बिजली मांग में 63 टेरावॉट घंटे की बढ़ोतरी हुई, जो स्विट्जरलैंड की कुल बिजली मांग के बराबर है। भारत ने इस अवधि में 77 गीगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी।

इससे बिजली मांग में हुई कुल बढ़ोतरी का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा करने में मदद मिली।

खपत

तेल और गैस की खपत में भी कमी आई

रिपोर्ट के अनुसार, देश में तेल और गैस की खपत लगातार दूसरे साल घटी है।

इससे दोनों ईंधनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में सालाना 7 प्रतिशत की कमी आई। हालांकि, सड़क परिवहन में ईंधन की मांग बढ़ी है।

वहीं, स्टील, सीमेंट और दूसरे उद्योगों में उत्पादन बढ़ने से 2026 की पहली छमाही में भारत का कुल उत्सर्जन सालाना आधार पर 3.7 प्रतिशत बढ़ा है। इन क्षेत्रों के उत्सर्जन में 8 प्रतिशत बढत दर्ज हुई है।

ADVERTISEMENT

गुजरात

गुजरात में साफ ऊर्जा का सबसे बड़ा विस्तार

राज्यों में गुजरात में जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन में सबसे बड़ी कमी और साफ ऊर्जा में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसके बाद राजस्थान और तमिलनाडु में साफ बिजली उत्पादन बढ़ा, जबकि जीवाश्म ईंधन से बनने वाली बिजली घटी है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए भारत को बिजली ग्रिड मजबूत करना होगा।

साथ ही, ऊर्जा भंडारण बढ़ाने और कोयला संयंत्रों को अधिक लचीला बनाने की जरूरत होगी।

ADVERTISEMENT