सिस्को ने 4,000 कर्मचारियों की छंटनी का किया ऐलान, क्या AI है वजह?
क्या है खबर?
टेक सेक्टर में छंटनी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब टेक कंपनी सिस्को ने बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की है, जिससे करीब 4,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। कंपनी ने बताया कि यह फैसला उसके रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा है। हालांकि, इस घोषणा के बाद सिस्को के शेयरों में आफ्टर मार्केट ट्रेडिंग में तेज उछाल देखने को मिला और निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
AI
AI कारोबार पर बढ़ा कंपनी का फोकस
सिस्को का कहना है कि वह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उससे जुड़े तेजी से बढ़ रहे कारोबार पर ज्यादा ध्यान देना चाहती है। कंपनी अपने निवेश को उन क्षेत्रों में शिफ्ट कर रही है जहां भविष्य में ज्यादा मांग और कमाई की संभावना है। सिस्को के CEO चक रॉबिंस ने कहा कि AI के दौर में वही कंपनियां आगे रहेंगी, जो तेजी से बदलती तकनीक के हिसाब से खुद को ढालेंगी।
असर
कई विभागों के कर्मचारियों पर पड़ सकता असर
कंपनी ने बताया कि वह कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या कम करेगी, जबकि सिलिकॉन, ऑप्टिक्स, सिक्योरिटी और AI से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने यह साफ नहीं किया कि किन टीमों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। सिस्को के मुताबिक, चौथी तिमाही में कुल कर्मचारियों के 5 प्रतिशत से कम की कटौती की जाएगी। माना जा रहा है कि पारंपरिक नेटवर्किंग और सपोर्ट से जुड़े विभाग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
अन्य
AI ऑर्डर बढ़ने से बढ़ी कमाई की उम्मीद
सिस्को ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में उसे AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े 5.3 अरब डॉलर (लगभग 500 अरब रुपये) के ऑर्डर मिले हैं। कंपनी ने पूरे साल के ऑर्डर अनुमान को बढ़ाकर 9 अरब डॉलर कर दिया है। अब सिस्को को वित्तीय वर्ष 2026 में 6,000 अरब रुपये से भी अधिक तक रेवेन्यू की उम्मीद है। कंपनी को इस रीस्ट्रक्चरिंग योजना पर करीब 1 बिलियन डॉलर (लगभग 95 अरब रुपये) तक खर्च आने का अनुमान है।