LOADING...
केंद्र ने उच्च एथेनॉल ईंधन पर हटाया उत्पाद शुल्क, आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
केंद्र ने उच्च एथेनॉल ईंधन पर हटाया उत्पाद शुल्क

केंद्र ने उच्च एथेनॉल ईंधन पर हटाया उत्पाद शुल्क, आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?

Jun 11, 2026
09:57 am

क्या है खबर?

भारत सरकार ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 22 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत इथेनॉल मिले पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में छूट देने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब देश पहले ही E20 लक्ष्य हासिल कर चुका है। माना जा रहा है कि इससे अधिक इथेनॉल वाले ईंधन को बाजार में अपनाने का रास्ता और आसान होगा।

लाभ

E22, E25, E27 और E30 ईंधन को मिलेगा लाभ

सरकार की नई व्यवस्था के तहत E22, E25, E27 और E30 जैसे ईंधन मिश्रणों को शून्य केंद्रीय उत्पाद शुल्क दर का लाभ मिलेगा। इन ईंधनों में क्रमशः 22 प्रतिशत, 25 प्रतिशत, 27 प्रतिशत और 30 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। यह छूट केवल उन्हीं ईंधनों पर लागू होगी, जो BIS के तय मानकों का पालन करते हों। सरकार का मानना है कि इससे देश में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन को भी नई गति मिलेगी।

तैयारी

E20 के बाद अब आगे बढ़ाने की तैयारी

भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया है। अब सरकार इससे आगे बढ़कर अधिक मिश्रण वाले ईंधन के उपयोग की संभावनाएं तलाश रही है। इससे पेट्रोल में इथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ेगी और घरेलू स्तर पर तैयार होने वाले जैव ईंधन की मांग मजबूत होगी। इससे किसानों और इथेनॉल उत्पादन उद्योग को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Advertisement

आयात

तेल आयात और प्रदूषण कम करने पर जोर

सरकार लंबे समय से इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है। अधिक इथेनॉल वाले ईंधन के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम किया जा सकेगा। यही वजह है कि इस दिशा में लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं।

Advertisement

उत्पादन

नई नीति से उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद

अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को बढ़ावा मिलने से देश की मौजूदा इथेनॉल उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा। अभी कई संयंत्र अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं। नई छूट और तकनीकी मानकों के लागू होने के बाद उद्योग को विस्तार का अवसर मिल सकता है। साथ ही, बढ़ती वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के बीच यह कदम भारत की दीर्घकालिक ईंधन रणनीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फैसला

आम लोगों के लिए क्या मतलब है यह फैसला?

उत्पाद शुल्क में छूट का सीधा मकसद अधिक इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बाजार में बढ़ावा देना है। इससे तेल कंपनियों को ऐसे ईंधन की बिक्री आसान हो सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल की कीमतें तुरंत कम हो जाएंगी। लंबे समय में अगर देश का कच्चे तेल पर खर्च घटता है और घरेलू इथेनॉल उत्पादन बढ़ता है, तो ईंधन आपूर्ति स्थिर हो सकती है। इससे विदेशी तेल पर निर्भरता कम होने में मदद मिल सकती है।

Advertisement