नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुरू हुआ कार्गो ऑपरेशन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मिलेगी रफ्तार
क्या है खबर?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने आज अपनी पहली कार्गो फ्लाइट संभालकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। यह कार्गो विमान घरेलू रूट पर संचालित हुआ। कुछ दिन पहले ही एयरपोर्ट ने व्यावसायिक यात्री उड़ानों की शुरुआत की थी। अब कार्गो सेवाएं शुरू होने के बाद यह परियोजना उत्तर भारत के एक बड़े विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे क्षेत्र में व्यापार और माल परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
संचालन
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कार्गो संचालन के लिए तैयार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को घरेलू, अंतरराष्ट्रीय और एक्सप्रेस कार्गो सेवाओं के लिए विकसित किया गया है। एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधा सड़क संपर्क मिला है, जिससे ट्रकों के जरिए सामान की आवाजाही आसान और तेज होगी। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि इसका आधुनिक ढांचा तेज, भरोसेमंद और बेहतर कार्गो संचालन के लिए तैयार किया गया है। इससे उत्तर भारत में उद्योग, ई-कॉमर्स और सप्लाई चेन को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
क्षमता
आधुनिक तकनीक और बड़ी भंडारण क्षमता से लैस
एयरपोर्ट की कार्गो सुविधाओं को एयर इंडिया सैट्स ने विकसित किया है। शुरुआती चरण में यहां हर साल दो लाख मीट्रिक टन कार्गो संभालने की क्षमता है, जिसे आगे बढ़ाकर 15 लाख टन तक करने की योजना है। यहां 22,000 वर्ग मीटर का वेयरहाउस, दो समर्पित फ्रेटर बे और 24 घंटे संचालन की सुविधा उपलब्ध है। डिजिटल ट्रैकिंग, पेपरलेस डॉक्यूमेंटेशन और आधुनिक सुरक्षा प्रणाली भी यहां स्थापित की गई है।
महत्व
पहले यात्री और अब कार्गो सेवाओं से बढ़ा महत्व
इस सप्ताह की शुरुआत में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपनी पहली व्यावसायिक यात्री उड़ान का भी स्वागत किया था। लखनऊ से आई इंडिगो की फ्लाइट यहां उतरने वाली पहली कमर्शियल उड़ान बनी थी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। अब कार्गो सेवाएं शुरू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट का महत्व और बढ़ गया है और इसे दिल्ली-NCR के लिए एक बड़े विमानन केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।