LOADING...
क्या अलग-अलग बैंक अकाउंट में अलग नॉमिनी रखा जा सकता है?
बैंक अकाउंट खोलते समय अक्सर नॉमिनी का नाम भरना जरूरी होता है

क्या अलग-अलग बैंक अकाउंट में अलग नॉमिनी रखा जा सकता है?

Mar 17, 2026
07:15 am

क्या है खबर?

बैंक अकाउंट खोलते समय अक्सर नॉमिनी का नाम भरना जरूरी होता है। कई लोग इसे सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया समझकर जल्दी से किसी का नाम लिख देते हैं। बाद में कई बार यह सवाल उठता है कि क्या एक ही नॉमिनी बैंक के सभी खातों पर लागू होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसा नहीं होता। बैंक हर अकाउंट को अलग मानते हैं, इसलिए हर अकाउंट के लिए नॉमिनी भी अलग-अलग हो सकता है।

#1

हर बैंक अकाउंट के लिए अलग चुन सकते हैं नॉमिनी

बैंक नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अपने अलग-अलग अकाउंट के लिए अलग-अलग लोगों को नॉमिनी बना सकता है। उदाहरण के लिए सेविंग अकाउंट में जीवनसाथी को नॉमिनी बनाया जा सकता है, जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट या दूसरे अकाउंट के लिए माता-पिता या किसी अन्य सदस्य का नाम दिया जा सकता है। बैंक हर अकाउंट का नॉमिनेशन अलग से दर्ज करता है, इसलिए एक अकाउंट का नॉमिनी दूसरे अकाउंट पर लागू नहीं होता।

बदलाव

बाद में बदला भी जा सकता है नॉमिनेशन

अगर कोई व्यक्ति अपने बैंक अकाउंट का नॉमिनी बदलना चाहता है तो बैंक इसकी अनुमति देते हैं। आमतौर पर इसके लिए एक छोटा सा फॉर्म भरना होता है या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए भी यह बदलाव किया जा सकता है। कई लोग शादी, परिवार में बदलाव या अन्य कारणों से बाद में नॉमिनी अपडेट करते हैं। बैंक उस खास अकाउंट में पुराने नॉमिनी की जगह नए नॉमिनी का नाम दर्ज कर देते हैं।

Advertisement

अन्य

नॉमिनी का मतलब हमेशा मालिक होना नहीं होता

कई लोग यह मान लेते हैं कि अकाउंट के मालिक की मौत के बाद नॉमिनी ही उस पैसे का असली मालिक बन जाता है। हालांकि, कानून के अनुसार नॉमिनी अक्सर सिर्फ वह व्यक्ति होता है जिसे बैंक पैसा सौंपता है। उसके बाद उस रकम का अंतिम अधिकार कानूनी वारिसों या वसीयत के अनुसार तय होता है। इसलिए समय-समय पर बैंक अकाउंट में नॉमिनेशन की जानकारी जांचना भी जरूरी माना जाता है।

Advertisement