क्या ग्रुप प्लान को व्यक्तिगत प्लान में कर सकते हैं पोर्ट? जानिए क्या कहते हैं नियम
क्या है खबर?
हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी बीमाधारकों को फायदों को खोए बिना बीमा कंपनी बदलने की सुविधा देती है। यह ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें आप मौजूदा पॉलिसी को एक से दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर सकते हैं। इस दौरान आपको फ्री मेडिकल चेक-अप, नो क्लेम बोनस (NCB) या वेटिंग पीरियड क्रेडिट जैसे जमा हुए फायदे नहीं खोने पड़ते। यह आपको दूसरी कंपनी में बेहतर फायदों के साथ जाने की सुविधा देता है। आइए जानते हैं इस सुविधा का फायदा कैसे उठा सकते हैं।
नियम
क्या है पोर्टेबिलिटी के नियम?
पोर्टेबिलिटी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने वालों का वह अधिकार है, जिसके तहत वे पहले से मौजूद बीमारियों और समय-सीमा वाली शर्तों के लिए मिले क्रेडिट को एक बीमा कंपनी से दूसरी में ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि, पोर्ट सिर्फ मौजूदा पॉलिसी के रिन्यूअल के समय ही की जा सकती है। पॉलिसी को दूसरी कंपनी की वैसी ही क्षतिपूर्ति पॉलिसी में पोर्ट कर सकते हैं, यानि फैमिली फ्लोटर पॉलिसी को दूसरे फ्लोटर प्लान में ही पोर्ट किया जा सकता है।
पात्रता
क्या है पोर्टेबिलिटी की पात्रता?
इंश्योरेंस रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति, परिवार या ग्रुप बीमाधारक पोर्टेबिलिटी के लिए पात्र है, बशर्ते वे मौजूदा पॉलिसी के रिन्यूअल की तारीख से कम से कम 45 दिन पहले नई बीमा कंपनी को पोर्टेबिलिटी का अनुरोध भेज दें। इसके बाद नई कंपनी के पास आपके अनुरोध को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए 15 दिन का समय होता है। ऐसा न करने पर आवेदन अपने आप स्वीकार कर लिया जाता है।
बाध्यता
पोर्ट कराने के लिए क्या है बाध्यता?
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मौजूदा पॉलिसी बिना किसी रुकावट के रिन्यू होनी चाहिए और अवधि के दौरान लैप्स नहीं होनी चाहिए। साथ ही, पोर्टेबिलिटी के लिए आवेदन करने से पहले आपको मौजूदा कंपनी के साथ एक साल पूरा करना जरूरी है। पॉलिसी के दौरान बीमा क्लेम करने के बाद भी आप अपनी पॉलिसी पोर्ट कर सकते हैं। हालांकि, नई कंपनी आवेदन को प्रोसेस करते समय प्रीमियम तय करने के लिए क्लेम हिस्ट्री जांच सकती है।
बदलाव
प्लान बदलाव का यह है नियम
पोर्टेबिलिटी नियम व्यक्तिगत और ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पर लागू होते हैं और इसमें व्यक्तिगत सम इंश्योर्ड और फैमिली फ्लोटर सम इंश्योर्ड दोनों पॉलिसी शामिल हैं। आप ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी को दूसरी कंपनी की व्यक्तिगत पॉलिसी में पोर्ट कर सकते हैं। हालांकि, पोर्टेबिलिटी का अनुरोध करने से पहले मौजूदा ग्रुप पॉलिसी को वर्तमान कंपनी की व्यक्तिगत पॉलिसी में बदलना होगा। इसके बाद, एक साल पूरा करने के बाद इस प्लान को दूसरी कंपनी की व्यक्तिगत पॉलिसी में पोर्ट किया जा सकेगा।
आवेदन
ऐसे करें प्लान बदलने के लिए आवेदन
आपको मौजूदा ग्रुप पॉलिसी खत्म होने से कम से कम 30-45 दिन पहले अपनी कंपनी को बताना होगा कि आप व्यक्तिगत प्लान लेना चाहते हैं। अपनी जरूरतों के हिसाब से सबसे अच्छे प्लान की तुलना करें, सही विकल्प चुनें और कंपनी से आवेदन फॉर्म मांगें। जरूरी दस्तावेज और क्लेम हिस्ट्री के साथ यह फॉर्म भरें और इसे कंपनी को जमा करना होगा। एक बार व्यक्तिगत प्लान मंजूर हो जाने और लागू हो जाने के बाद आपको प्रीमियम भुगतान करना होगा।