घर अपने पैसों से खरीदें या होम लोन लें? जानिए दोनों में से क्या सही
क्या है खबर?
नया घर खरीदना जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला होता है, लेकिन इसमें बड़ा सवाल पैसों की व्यवस्था करना होता है। कुछ लोग सोचते हैं कि होम लोन के झंझट में पड़ने के बजाय अपने पास मौजूद पैसों से ही घर खरीदने को सही मानते हैं। दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे हैं, जो बरसों की जमा पूंजी खर्च करने के बजाय इसके लिए लोन लेना उचित समझते हैं। आइये जानते हैं घर खरीदने के लिए इनमें से कौनसा विकल्प सही रहेगा।
नकद
अपने पैसों से खरीदने के फायदे-नुकसान
आपके पास पर्याप्त बचत है और उससे घर खरीद लेते हैं तो लंबी अवधि में भारी ब्याज बचा सकते हैं। होम लोन की EMI हर महीने छोटी लगती है, लेकिन सालों में ब्याज की रकम काफी बड़ी हो जाती है। इसको चुनने में एक जोखिम भी है। अगर, आप सारी बचत इसमें लगा देते हैं तो इमरजेंसी के लिए कुछ नहीं बचेगा। अचानक नौकरी चली जाए, मेडिकल खर्च आ जाए या बिजनेस ठप हो जाए तो मुश्किल आ सकती है।
होम लोन
होम लोन लेने पर ये हाेते हैं जोखिम
होम लोन लेने से आप एकमुश्त पूरी बचत खर्च नहीं करते। डाउन पेमेंट देकर बाकी रकम EMI में चुकाते हैं। कुछ पैसा इमरजेंसी और निवेश के लिए बचा रहता है। वेतनभाेगी लोगों को टैक्स में छूट का फायदा मिलता है। ब्याज दर बढ़ती है तो EMI बढ़ सकती है और आमदनी कम हो जाए तो हर महीने की तय किस्त बोझ लग सकती है। कई सालों तक किस्त चुकाने का तनाव रहता है और लाखों रुपये ब्याज चुकाना पड़ता है।
चुनाव
अपना सकते हैं बीच रास्ता
कई लोग दोनों विकल्पों में संतुलन का तरीका अपनाते हैं। वे ज्यादा डाउन पेमेंट करते हैं ताकि, लोन कम रहे और उनकी पूरी बचत भी खत्म न हो। इससे EMI भी कम रहती है और इमरजेंसी फंड भी सुरक्षित रहता है। किसी भी विकल्प का चुनाव करने से पहले विचार करें कि बिना लोन घर खरीदने के बाद क्या आपके पास पर्याप्त बचत बचेगी? या अगर, लोन लेंगे तो क्या कुछ महीनों की आय घटने पर भी EMI दे पाएंगे?